2047 तक भारत की इकोनॉमी 5.25 गुना बढ़ जाएगी:रिपोर्ट में दावा- 21 साल में प्रति व्यक्ति आय ₹2.5 लाख से बढ़कर ₹13.5 लाख होगी

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# भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य: 2047 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना

मुख्य बिंदु

# भारत की अर्थव्यवस्था का भविष्य: 2047 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना

भारत की युवा जनसंख्या, डिजिटल ताकत, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम, मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन एनर्जी में बड़े अवसरों के साथ, देश की अर्थव्यवस्था 2047 तक 26 ट्रिलियन डॉलर (2,314 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने की संभावना है। वर्तमान में, यह लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर (376 लाख करोड़ रुपए) है। यह जानकारी हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दी गई है।

विस्तृत जानकारी

## भारत की आर्थिक वृद्धि के प्रमुख कारक

### 1. बड़ी कामकाजी आबादी

साल 2030 तक भारत की 68.9% आबादी कामकाजी उम्र (15-64 वर्ष) की होगी। इस दौरान लगभग 1.04 अरब लोग काम करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, अगले दशक में दुनिया में जुड़ने वाले 24-25% नए श्रमिक भारत से होंगे। इस बड़ी कामकाजी आबादी का लाभ उठाकर भारत अपनी आर्थिक वृद्धि को तेज कर सकता है।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

### 2. मजबूत स्टार्टअप सिस्टम

भारत में 107 यूनिकॉर्न कंपनियां मौजूद हैं, जो पिछले चार वर्षों में सालाना 66% की दर से बढ़ी हैं। इन कंपनियों की कुल वैल्यू 7.37 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। निवेशकों ने लगभग 3.82 लाख करोड़ रुपए का लाभ कमाया है। इस स्टार्टअप इकोसिस्टम ने नवाचार और विकास की नई संभावनाएं खोली हैं।

### 3. मैन्युफैक्चरिंग में अवसर

भारत में मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में बड़े निवेश प्रस्ताव मिले हैं। उत्पादन से जुड़ी योजनाओं के तहत 14 सेक्टरों में 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इस पहल से कृषि क्षेत्र में काम कर रहे 43% लोगों को नए रोजगार मिल सकते हैं, जिससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

### 4. महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

भारत में उच्च शिक्षा में लगभग 49% छात्राएं हैं, जिसका अर्थ है कि महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ेगी। इससे उत्पादकता में वृद्धि की संभावनाएं खुलती हैं। महिलाओं की भागीदारी से न केवल परिवारों का विकास होगा, बल्कि यह राष्ट्रीय विकास में भी योगदान देगा।

### 5. डिजिटल पेमेंट में तेजी

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है। यूपीआई नेटवर्क से 350 से अधिक बैंक जुड़े हुए हैं, और इसके 26 करोड़ से अधिक यूनिक यूजर हैं। भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था ने 2014-2019 के बीच 15.6% की दर से विकास किया है। यह डिजिटल परिवर्तन आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

### 6. कर्ज लेने की क्षमता

विश्व बैंक के अनुसार, 2020 में भारत में निजी कंपनियों को दिया गया कर्ज, देश की जीडीपी का केवल 55% था, जो कि वैश्विक औसत 148% से काफी कम है। इसका मतलब यह है कि कंपनियों के पास और कर्ज लेने की क्षमता है, जिससे वे अपने व्यवसाय को और विकसित कर सकती हैं।

### 7. क्लीन एनर्जी और टिकाऊ विकास

भारत ने 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे देश फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करेगा। इसके लिए सरकार को 2030 तक कार्बन के उपयोग में 45% की कमी लानी होगी। इस दिशा में उठाए गए कदम न केवल पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि यह ऊर्जा स्वतंत्रता की ओर भी ले जाएंगे।

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इन सभी पहलुओं के चलते, भारत एक मजबूत आर्थिक भविष्य की ओर बढ़ रहा है। यह न केवल देश के विकास की गति को तेज करेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भारत की आर्थिक वृद्धि की इस कहानी में युवा जनसंख्या, डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि ये सभी पहलू सही दिशा में आगे बढ़ते रहे, तो भारत निश्चित रूप से अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से बढ़ेगा।

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