'अपने सैनिकों की सलामती चाहिए तो…', ट्रंप की धमकी पर खामेनेई के करीबी का पलटवार

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर खामेनेई सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरानी शासन ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग किया, तो अमेरिका हस्तक्षेप करने से पीछे नहीं हटेगा। यह बयान उस समय आया है जब ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। प्रदर्शनकारी नागरिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं और कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका हमेशा मानवाधिकारों का समर्थन करेगा और वह उन देशों के खिलाफ खड़ा रहेगा जो अपने नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग करते हैं। उन्होंने ईरानी नागरिकों के साहस की सराहना की और कहा कि अमेरिका उनके साथ खड़ा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान में नागरिकों के बीच असंतोष बढ़ रहा है, खासकर महिलाओं के अधिकारों को लेकर।

इस पर ईरान ने प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप की धमकी का जवाब दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका को ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ईरानी अधिकारियों ने ट्रंप के बयान को “अनुचित” और “अवांछनीय” करार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए सक्षम है और किसी भी बाहरी दबाव या धमकी से प्रभावित नहीं होगा।

ईरान के नेता अली खामेनेई ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी तत्व के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान ने प्रदर्शनकारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार किसी भी प्रकार के विरोध को बर्दाश्त नहीं करेगी।

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी ईरान की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। कई मानवाधिकार संगठनों ने ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा की है और सरकार से आग्रह किया है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन का सम्मान करे। ऐसे में ट्रंप का बयान और ईरान का जवाब इस मुद्दे को और जटिल बना रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच इस विवाद का क्या परिणाम निकलता है।

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