अभिषेक बनर्जी बोले-मुख्य चुनाव आयुक्त जादूगर, वोटर गायब कर रहे:भाजपा सांसद सांप की तरह, कितना भी दूध पिला लें, एक दिन डसेगा ही

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# अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला: ‘वैनिश कुमार’ की उपाधि

मुख्य बिंदु

# अभिषेक बनर्जी का चुनाव आयुक्त पर तीखा हमला: ‘वैनिश कुमार’ की उपाधि

## तृणमूल कांग्रेस के नेता का विवादित बयान

विस्तृत जानकारी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘वैनिश कुमार’ कहकर संबोधित किया और भाजपा सांसदों की तुलना सांपों से की। यह बयान अभिषेक ने अलीपुरद्वार में एक जनसभा के दौरान दिया।

## वोटर लिस्ट में धांधली का आरोप

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गलत तरीके से हटा दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “क्या आप ज्ञानेश कुमार को जानते हैं? वे जादूगर हैं। जिंदा लोगों को वोटर लिस्ट से गायब कर देते हैं और मरे हुए लोगों को जिंदा दिखा देते हैं। इसलिए अब उनका नाम ‘वैनिश कुमार’ है।”

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

अभिषेक का यह बयान चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी के प्रति चिंता व्यक्त करता है और यह दर्शाता है कि तृणमूल कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कितनी गंभीर है।

## बीजेपी पर कड़ा प्रहार

भाजपा पर निशाना साधते हुए अभिषेक ने कहा, “बीजेपी सांसद और सांप एक जैसे हैं। अगर आप अपने घर के पीछे एक-दो सांप पाल लें, तो भी सांप, सांप ही रहेगा। आप उसे दूध पिलाइए, केला खिलाइए, लेकिन वह एक दिन डसेगा ही।” इस बयान के माध्यम से अभिषेक ने भाजपा के नेताओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया और यह दिखाया कि वे अपनी पार्टी के खिलाफ कितनी आक्रामक हैं।

## ‘आबर जितबे बांग्ला’ अभियान का हिस्सा

अभिषेक बनर्जी ‘आबर जितबे बांग्ला’ अभियान के तहत 19 दिनों में 26 रैलियों का आयोजन कर रहे हैं। यह अभियान 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के आक्रामक चुनावी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। अभिषेक ने 31 दिसंबर को कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने आपा खो दिया था, जो उनके और चुनाव आयोग के बीच की स्थिति को और भी तनावपूर्ण बनाता है।

## चुनाव आयोग से शिकायत

तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सामने SIR के संबंध में आपत्तियां दर्ज कराने गया था। अभिषेक ने कहा कि इस बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का रवैया आक्रामक हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी की गंभीर आशंकाओं को नजरअंदाज किया गया।

अभिषेक ने कहा, “जब हमने अपनी बात रखनी शुरू की, तो मुख्य चुनाव आयुक्त अपना आपा खो बैठे। वह मेरी बात पर गुस्सा होने लगे। मैंने उनसे कहा कि आप नॉमिनेटेड हैं और मैं जनता द्वारा चुना गया हूं। आप अपने बॉस के प्रति जिम्मेदार हैं। मैं बंगाल की जनता के प्रति जिम्मेदार हूं।”

## चुनाव आयोग की चेतावनी

चुनाव आयोग ने बैठक के बाद TMC से कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी स्टाफ को धमकाने में शामिल नहीं होना चाहिए। आयोग ने चेतावनी दी कि BLO, ERO, AERO, ऑब्जर्वर या किसी भी चुनावी कर्मचारी को धमकाने के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

## ममता बनर्जी की चिंता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चल रहे SIR में गंभीर गलतियां हुई हैं और चुनाव आयोग बिना राज्य सरकार को बताए ऑब्जर्वर नियुक्त कर रहा है। यह स्थिति राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है, खासकर जब चुनाव नजदीक हैं।

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अभिषेक बनर्जी का यह बयान और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को और भी जटिल बनाते हैं। आगामी विधानसभा चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस की रणनीतियाँ और भाजपा के साथ उनकी प्रतिस्पर्धा भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस प्रकार, यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग और राजनीतिक दल इस स्थिति का कैसे सामना करते हैं।

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