# पश्चिम बंगाल में TMC कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हमला
मुख्य बिंदु
# पश्चिम बंगाल में TMC कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस पर हमला
## घटना का विवरण
विस्तृत जानकारी
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली के बोयरमारी गांव में शुक्रवार रात को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक कार्यकर्ता की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में छह पुलिसकर्मी घायल हो गए, और पुलिस वाहन को भी भारी नुकसान पहुंचा। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई TMC के कार्यकर्ता मूसा मोल्ला की गिरफ्तारी के लिए की गई थी, जिस पर अवैध रूप से जमीन और तालाब पर कब्जा कर मछली पालन करने का आरोप है।
## पुलिस की कार्रवाई और हमले का कारण
जब पुलिसकर्मी मूसा मोल्ला को उसके घर से पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी उसके समर्थकों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस अफरातफरी के बीच, एक अधिकारी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें बाद में स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इस दौरान मूसा मोल्ला मौके से भाग निकलने में सफल रहा। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने पहले भी मोल्ला को थाने आने के लिए नोटिस भेजे थे, लेकिन वह नहीं आया।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
## सुरक्षा व्यवस्था में बढ़ोतरी
घटना के बाद, गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमले के आरोप में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, बोयरमारी ग्राम पंचायत-2 के प्रधान और उप-प्रधान को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने आसपास के घरों में छापेमारी कर रही है और अन्य आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
## राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ
भाजपा ने इस हमले को TMC कार्यकर्ताओं के बेखौफ रवैये का परिणाम बताया है। भाजपा नेता सजल घोष ने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में TMC के कार्यकर्ताओं की हताशा को दर्शाती है। वहीं, TMC प्रवक्ता अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि पार्टी ऐसे कृत्यों का समर्थन नहीं करती और पुलिस की कार्रवाई का समर्थन करती है।
## पूर्व की घटनाओं की याद
इस घटना ने जनवरी 2024 में हुई उस घटना की याद दिला दी, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पर हमले के दौरान कई अधिकारी घायल हुए थे। उस समय TMC के सस्पेंड नेता शेख शाहजहां के घर पर छापे के दौरान यह हमला हुआ था। शेख शाहजहां को बाद में CBI ने गिरफ्तार किया था और वह फिलहाल जेल में है।
## राजनीतिक परिप्रेक्ष्य
2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान संदेशखाली पश्चिम बंगाल की राजनीति में दबंगई और प्रशासनिक विफलता का प्रतीक बन गया था। अब 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले, शुक्रवार की घटना ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक टकराव को फिर से उजागर कर दिया है, जिससे सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ गया है।
##
बोयरमारी गांव में हुई यह घटना न केवल स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति को चुनौती देती है, बल्कि यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहरी अंतर्दृष्टि भी प्रदान करती है। जब राजनीतिक दलों के बीच टकराव बढ़ रहा है, तो यह स्पष्ट है कि आने वाले चुनावों में यह मुद्दा महत्वपूर्ण रहेगा। पुलिस की कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ इस घटनाक्रम को और भी जटिल बना रही हैं, जिससे भविष्य में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
Source: Click here