पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड,न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस:घरों में दुबके लोग; 13 KM प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाएं

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# पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड का असर: जनजीवन प्रभावित

मुख्य बिंदु

# पश्चिम चंपारण में कड़ाके की ठंड का असर: जनजीवन प्रभावित

## ठंड का प्रकोप

विस्तृत जानकारी

पश्चिम चंपारण में ठंड ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लोग इस कड़ी सर्दी से बचने के लिए अपने घरों में दुबके हुए हैं। हाल ही में न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट आई है, जो अब 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही, 8 से 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने ठंड को और बढ़ा दिया है।

## कोहरे का असर

सुबह के समय घने कोहरे ने सड़क और रेल मार्ग को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया। रविवार को जिले के कई इलाकों में कोहरा छाया रहा, जिससे वाहनों की गति में कमी आई। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान हवा की रफ्तार 3 किलोमीटर प्रति घंटे रही, सापेक्ष आर्द्रता 70 प्रतिशत और दृश्यता केवल 2 किलोमीटर थी।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

### कृषि पर प्रभाव

कृषि वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार का कहना है कि इस मौसम का फसलों पर खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। कुहासा पड़ने की स्थिति में फसलों को हल्की सिंचाई से लाभ मिल रहा है। यह किसानों के लिए राहत की बात है, क्योंकि वे इस ठंड में अपनी फसलों की रक्षा कर पा रहे हैं।

## वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI)

रविवार को जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 153 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक माना जाता है। घने कोहरे के साथ-साथ लोगों द्वारा जलाए जा रहे लकड़ी, कचरा और टायरों से निकलने वाला धुआं हवा को और अधिक जहरीला बना रहा है, जिससे AQI स्तर लगातार बढ़ रहा है।

### स्वास्थ्य पर प्रभाव

चिकित्सकों के अनुसार, ठंड के मौसम में वायरल फीवर और सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या में वृद्धि होती है। इसके अलावा, AQI का स्तर सामान्य न होने के कारण सांस संबंधी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। 50 से ऊपर का AQI स्तर स्वास्थ्य के लिए घातक माना जाता है, और यह स्थिति चिंताजनक है।

## प्रदूषण का कारण

कोहरे, पुराने वाहनों, उड़ते धूलकणों, ठंड से बचने के लिए जलाए जा रहे अलाव और फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं के कारण AQI स्तर बढ़ता जा रहा है। यह प्रदूषण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन रहा है।

### समाधान के उपाय

AQI स्तर को सामान्य करने के लिए धूलकण उड़ने वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव करना आवश्यक है। इसके अलावा, स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएं।

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पश्चिम चंपारण में ठंड के मौसम ने जनजीवन को प्रभावित किया है, और इससे निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाहों का पालन करते हुए, लोगों को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। ठंड और प्रदूषण के इस चुनौतीपूर्ण दौर में सामूहिक प्रयास से ही हम बेहतर स्वास्थ्य और जीवनशैली की ओर बढ़ सकते हैं।

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