# विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में जमानत से मिली निराशा
मुख्य बिंदु
# विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी मामले में जमानत से मिली निराशा
## उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
विस्तृत जानकारी
फिल्म निर्माता विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में राहत नहीं मिल सकी है। उदयपुर की महिला उत्पीड़न कोर्ट ने बुधवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ अभी बाकी है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। अब भट्ट दंपति को जमानत के लिए जोधपुर हाईकोर्ट का रुख करना होगा।
## अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और सुनवाई की तारीख
इस मामले में अन्य आरोपी दिनेश कटारिया की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 6 जनवरी को उदयपुर की एडीजे कोर्ट-3 में होगी। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर को उदयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था, और एक सप्ताह की रिमांड के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। हाईकोर्ट की छुट्टियों के कारण भट्ट दंपति को नए साल के बाद भी जेल में रहना पड़ सकता है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
## जमानत याचिका पर कानूनी प्रक्रिया
भट्ट के अधिवक्ता कमलेश दवे ने बताया कि एसीजेएम कोर्ट-4 से जमानत खारिज होने के बाद सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी। इस पर सुनवाई शनिवार को होने वाली थी, लेकिन जज के छुट्टी पर होने की वजह से सुनवाई तीन बार टल गई। इसके बाद मंगलवार को महिला उत्पीड़न कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें याचिका खारिज कर दी गई।
### जज का फैसला
एसीजेएम कोर्ट-4 के जज ने कहा था कि जमानत देने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं और यह मामला बीएनएस की धारा-338 के अंतर्गत आने के कारण गैर जमानती है। यह भी एक बड़ा कारण था जिससे याचिका खारिज की गई।
## धोखाधड़ी का मामला और गिरफ्तारी
उदयपुर में डॉ. अजय मुर्डिया ने विक्रम भट्ट से फिल्म बनाने के लिए 42 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट किया था। जब धोखाधड़ी का पता चला, तो 17 नवंबर को भट्ट और अन्य 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने भट्ट के को-प्रोड्यूसर महबूब अंसारी और एक फर्जी वेंडर संदीप को मुंबई से गिरफ्तार किया।
भट्ट दंपति को 7 दिसंबर को मुंबई के अपने फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था और 9 दिसंबर को उन्हें उदयपुर कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड अवधि खत्म होने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। राजस्थान हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को उनकी गिरफ्तारी पर सुनवाई की थी और आईजी, एसपी और जांच अधिकारी को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।
## आगे की कानूनी लड़ाई
भट्ट दंपति को अब जोधपुर हाईकोर्ट में अपनी जमानत याचिका दायर करनी होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि हाईकोर्ट भी जमानत देने से मना करता है, तो दंपति को लंबी कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले ने न केवल फिल्म उद्योग में हलचल मचाई है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी में लिप्त हो सकते हैं।
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विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी की गिरफ्तारी और जमानत याचिका का खारिज होना एक गंभीर मामला है जो फिल्म उद्योग की छवि पर भी असर डाल सकता है। इस मामले की सुनवाई और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। क्या भट्ट दंपति को अगले चरण में राहत मिलेगी? यह सवाल अब सभी के मन में है।
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