फेक न्यूज एक्सपोज:क्या पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने पर, आरोपियों को यूपी पुलिस ने जमकर पीटा; जानें इसका सच

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# वायरल वीडियो: पुलिसकर्मी की बर्बरता और सच्चाई का खुलासा

मुख्य बिंदु

# वायरल वीडियो: पुलिसकर्मी की बर्बरता और सच्चाई का खुलासा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी दिन के उजाले में सड़क पर तीन युवकों को बेरहमी से पीटते हुए दिखाई दे रहा है। इस घटना ने लोगों के बीच काफी चर्चा पैदा कर दी है। आइए, इस घटना के पीछे की सच्चाई को जानने की कोशिश करते हैं।

विस्तृत जानकारी

## वायरल वीडियो का विवरण

इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी ने युवकों को जमीन पर बैठाकर उनके पैरों पर लाठी से वार किया। यह दावा किया जा रहा है कि यह घटना उत्तर प्रदेश की है, और आरोप है कि युवकों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए थे, जिसके कारण उन्हें पीटा गया।

## वीडियो की जाँच: सच्चाई क्या है?

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

वायरल वीडियो की सच्चाई जानने के लिए हमने इसकी की-फ्रेम्स का रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें यह वीडियो ‘वाइस ऑफ आंध्रा’ नामक एक वेरिफाइड हैंडल पर मिला, जिसने इसे 26 मई को पोस्ट किया था। इस हैंडल ने इस वीडियो को साझा करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं।

### आंध्र प्रदेश का संदर्भ

वीडियो में दिखाए गए तीनों युवक आंध्र प्रदेश के तेनाली ईथानगर के बताए गए हैं। ‘वाइस ऑफ आंध्रा’ ने दावा किया है कि पुलिस ने तीन दलित युवकों को बेरहमी से पीटा है। यह स्थिति इस बात की ओर इशारा करती है कि वायरल वीडियो को गलत तरीके से संदर्भित किया जा रहा है।

## टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट

जांच के अगले चरण में हमने इससे जुड़े कीवर्ड्स की खोज की और टाइम्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर इस मामले से संबंधित एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मई 2025 की है, जब आंध्र प्रदेश के ईथानगर में एक पुलिस कांस्टेबल पर हमला करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया था।

### घटना की पृष्ठभूमि

पुलिस ने बताया कि इन युवकों ने कांस्टेबल कन्ना चिरंजीवी पर गांजे के नशे में हमला किया था, जिसके बाद कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।

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इससे स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है। यह वीडियो उत्तर प्रदेश का नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश के ईथानगर का है। इस वीडियो को संदर्भ से हटा कर पेश किया गया है, जिससे गलतफहमी पैदा हुई है।

## आगे की जानकारी

अधिक फैक्ट चेक और सत्यापन के लिए हमारे अन्य लेख पढ़ें, जैसे कि बांग्लादेश का वीडियो जो सांप्रदायिक एंगल से वायरल हुआ है, जिसमें एक हिंदू लड़की के पिता को कट्टरपंथियों द्वारा पीटे जाने का दावा किया गया है।

इस प्रकार, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के संदर्भ में सही जानकारी और तथ्य जानना अत्यंत महत्वपूर्ण है। गलत सूचना और अफवाहों से बचने के लिए हमेशा सत्यापन करना चाहिए।

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