पाकिस्तान का दावा फर्जी निकला:कहा था- हमारी सेना द्वारा राफेल मार गिराने के बाद इंडोनेशिया ने फ्रांस से फाइटर प्लेन डील खत्म की

Spread the love

# पाकिस्तान का फर्जी दावा: भारत के राफेल जेट को गिराने का झूठा प्रचार

मुख्य बिंदु

# पाकिस्तान का फर्जी दावा: भारत के राफेल जेट को गिराने का झूठा प्रचार

## पाकिस्तान का झूठा प्रचार

विस्तृत जानकारी

हाल ही में, पाकिस्तान ने एक विवादास्पद दावा किया है कि उसने भारत के राफेल फाइटर जेट को मार गिराया है। इस झूठे दावे के बाद, पाकिस्तान में प्रोपेगैंडा फैलाने की कोशिशों में तेजी आई है। कुछ पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी कहा है कि राफेल के गिरने के बाद इंडोनेशिया ने फ्रांस से राफेल खरीदने का निर्णय बदल दिया है।

## इंडोनेशिया का राफेल खरीदने का समझौता

हालांकि, इस वायरल दावे की सच्चाई कुछ और है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 28 मई को 42 राफेल जेट की खरीद के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह जानकारी कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित हुई है, जो पाकिस्तान के दावे को पूरी तरह से खारिज करती है।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

### दसॉ एविएशन की जानकारी

राफेल बनाने वाली कंपनी, दसॉ एविएशन के सीईओ एरिक टैपयिर ने बताया कि इंडोनेशिया को पहला राफेल फाइटर जेट 2026 में मिलेगा। इस डील से संबंधित जानकारी को दसॉ एविएशन ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर साझा किया है। एरिक टैपयिर ने कहा, “मैं इंडोनेशिया द्वारा राफेल के एक अतिरिक्त बैच पर विचार करने की मंशा का स्वागत करता हूं।” यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा के दौरान की गई।

## राफेल जेट की डिलीवरी का कार्यक्रम

42 राफेल जेट की पहली डिलीवरी 2026 की शुरुआत में होने की योजना है। इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान द्वारा किया गया दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ है। इंडोनेशिया ने फ्रांस के साथ 28 मई को राफेल जेट की डील साइन की है, जो इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान का दावा महज एक झूठ था।

### पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विवादास्पद हरकत

इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में एक पेंटिंग को अपने सेना प्रमुख को उपहार में दिया, जो कि एक एडिट की गई चीनी मिसाइल की तस्वीर थी। यह घटना भी पाकिस्तान के झूठ को उजागर करती है और बताती है कि उनके दावों की सच्चाई कितनी संदिग्ध है।

## : झूठे प्रचार का मुकाबला

पाकिस्तान का यह झूठा दावा और उसके बाद का प्रोपेगैंडा एक बार फिर से यह दर्शाता है कि किस प्रकार से गलत जानकारी का उपयोग किया जा सकता है। ऐसे समय में, जब अंतरराष्ट्रीय संबंधों और सुरक्षा मुद्दों पर सच्चाई की बेहद आवश्यकता होती है, ऐसे दावों का कोई आधार नहीं होता है।

इस प्रकार की घटनाओं से न केवल भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है। इस संदर्भ में, भास्कर फैक्ट चेक जैसे प्लेटफॉर्म्स की भूमिका महत्वपूर्ण है, जो सच्चाई को उजागर करने और गलत जानकारी के खिलाफ लड़ने का काम कर रहे हैं।

जानकारी के लिए और पढ़ें भास्कर फैक्ट चेक की अन्य खबरें।

Source: Click here