सरकारी कंपनी BCCL का IPO 9 जनवरी को खुलेगा:एक शेयर की कीमत ₹23; कम से कम ₹13,800 का निवेश करना होगा

Spread the love

# भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का पहला आईपीओ: निवेश के लिए जानें आवश्यक जानकारी

मुख्य बिंदु

# भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का पहला आईपीओ: निवेश के लिए जानें आवश्यक जानकारी

भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), जो कि कोल इंडिया की एक प्रमुख सहायक कंपनी है, अपने पहले आईपीओ के लिए तैयार है। इस लेख में, हम आपको इस आईपीओ के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे, ताकि आप निवेश के लिए सही निर्णय ले सकें।

विस्तृत जानकारी

## आईपीओ का विवरण

### प्राइस बैंड और समयसीमा

BCCL के आईपीओ का प्राइस बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है। यह आईपीओ 9 जनवरी 2026 को खुलेगा और 13 जनवरी 2026 को बंद होगा। यह एक महत्वपूर्ण अवसर है, खासकर उन निवेशकों के लिए जो कोल उद्योग में रुचि रखते हैं।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

### हिस्सेदारी का बिक्री

इस आईपीओ के माध्यम से प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड अपनी हिस्सेदारी बेच रही है। यह एक पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ है, जिसमें कुल 46.57 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। इसमें जुटाई गई राशि सीधे कोल इंडिया लिमिटेड को जाएगी, क्योंकि यह अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है।

## निवेश प्रक्रिया

### न्यूनतम निवेश राशि

निवेशकों को बोली लगाने के लिए कम से कम 600 शेयरों का एक लॉट खरीदना होगा। यदि आप ऊपरी प्राइस बैंड ₹23 के अनुसार निवेश करना चाहते हैं, तो एक लॉट के लिए न्यूनतम निवेश ₹13,800 होगा।

### आवेदन कैसे करें

यदि आप फोनपे, गूगल-पे या पेटीएम का उपयोग करते हैं और आपके पास जिरोधा या ग्रो जैसे ब्रोकर का डिमैट अकाउंट है, तो आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। आपको अपने एप में जाकर ‘BCCL IPO’ सर्च करना होगा, आवश्यक विवरण भरना होगा और UPI आईडी डालकर पेमेंट को मंजूरी देनी होगी।

## BCCL का परिचय

### कंपनी की स्थिति

BCCL एक सरकारी कंपनी है, जो स्टील उत्पादन के लिए आवश्यक कोकिंग कोल के उत्पादन में भारत में अग्रणी है। इसे 2014 में ‘मिनी रत्न’ का दर्जा मिला था। वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, BCCL का घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में 58.50% का हिस्सा है।

### भंडार और उत्पादन क्षमता

1 अप्रैल 2024 तक, BCCL के पास लगभग 7,910 मिलियन टन कोयले का भंडार था। कंपनी मुख्य रूप से स्टील और पावर सेक्टर के लिए कोयला प्रदान करती है। 2021 से, BCCL ने ‘हैवी अर्थ मूविंग मशीनरी’ (HEMM) का उपयोग बढ़ाकर अपनी उत्पादन क्षमता में सुधार किया है। वर्तमान में, कंपनी 34 खदानों का संचालन कर रही है, जो झरिया और रानीगंज कोलफील्ड के 288.31 वर्ग किलोमीटर के लीज क्षेत्र में फैली हुई हैं।

## कोकिंग कोल: एक आवश्यक संसाधन

### कोकिंग कोल की विशेषता

कोकिंग कोल का उपयोग मुख्य रूप से स्टील बनाने वाली भट्ठियों में होता है, जबकि आम कोयला (नॉन-कोकिंग) का उपयोग मुख्य रूप से बिजली उत्पादन में किया जाता है। भारत अपनी कोकिंग कोल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए BCCL जैसी घरेलू कंपनियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

### मांग और आपूर्ति

भारत में कोकिंग कोल की मांग लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण घरेलू उत्पादन में वृद्धि की आवश्यकता है। BCCL इस क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और इसके आईपीओ से निवेशकों को एक नया अवसर मिल रहा है।

##

BCCL का आईपीओ एक महत्वपूर्ण निवेश अवसर प्रस्तुत करता है, विशेष रूप से उन लोगों के लिए जो कोल उद्योग में रुचि रखते हैं। सही जानकारी और समझ के साथ, निवेशक इस आईपीओ का लाभ उठा सकते हैं। यदि आप इस अवसर का लाभ उठाने की योजना बना रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप सभी आवश्यक जानकारी से अवगत हैं और सही समय पर आवेदन करें।

Source: Click here