# एअर इंडिया में बड़ा बदलाव: नए CEO की तलाश
मुख्य बिंदु
# एअर इंडिया में बड़ा बदलाव: नए CEO की तलाश
## टाटा ग्रुप की एयरलाइन एअर इंडिया में बदलाव की तैयारी
विस्तृत जानकारी
टाटा ग्रुप की स्वामित्व वाली एयरलाइन एअर इंडिया में बड़े बदलाव की योजना बनाई जा रही है। हाल ही की रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन को उनके पद से हटाने की संभावना है। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन एयरलाइन के लिए एक नए CEO की खोज में जुटे हुए हैं।
## कैंपबेल विल्सन का कार्यकाल और चुनौतियाँ
कैंपबेल विल्सन का कार्यकाल कई चुनौतियों से भरा रहा है। उनके नेतृत्व में एयरलाइन ने 470 नए विमानों का ऐतिहासिक ऑर्डर दिया, लेकिन इसके साथ ही कुछ विवाद भी सामने आए। विशेष रूप से, ‘पेशाब कांड’ जैसी घटनाओं और केबिन की खराब स्थिति ने एयरलाइन की छवि को प्रभावित किया। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर यात्री अक्सर फ्लाइट्स में देरी और खराब सेवा को लेकर विल्सन की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते रहे हैं।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
## एअर इंडिया और विस्तारा का मर्जर
एअर इंडिया और विस्तारा के हालिया मर्जर के बाद, टाटा ग्रुप एयरलाइन के ऑपरेशन्स को और अधिक पेशेवर और सुचारू बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस मर्जर के बाद प्रबंधन में बदलाव स्वाभाविक है। कंपनी अब ऐसे लीडर की तलाश कर रही है जो एअर इंडिया के वैश्विक विस्तार को मजबूत कर सके और ग्राहक सेवा में सुधार ला सके।
## नए CEO की आवश्यकता
एन चंद्रशेखरन का लक्ष्य एअर इंडिया को फिर से दुनिया की सबसे बेहतरीन एयरलाइनों में शामिल करना है। सूत्रों के अनुसार, ग्रुप लीडरशिप अब किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में है जो भारतीय बाजार की बारीकियों को समझता हो या जिसके पास अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में बड़े बदलाव का अनुभव हो। टाटा ग्रुप यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एअर इंडिया और विस्तारा के इंटीग्रेशन के बाद कर्मचारियों और यात्रियों के बीच कोई असंतोष न रहे।
## विनोद कन्नन की भूमिका पर चर्चा
मर्जर के बाद विस्तारा के पूर्व CEO विनोद कन्नन की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है। हालाँकि, रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि फिलहाल टाटा ग्रुप बाहर से किसी बड़े अनुभवी चेहरे को लाने पर विचार कर रहा है। आने वाले हफ्तों में इस पर आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। विल्सन का कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के करीब है, ऐसे में ग्रुप जल्द ही उत्तराधिकारी का नाम फाइनल कर सकता है।
## नए CEO की चुनौतियाँ
नए CEO के सामने सबसे बड़ी चुनौती पुराने विमानों के बेड़े को सुधारना और एयरलाइन के कार्य संस्कृति को टाटा के मानकों के अनुरूप ढालना होगा। एअर इंडिया फिलहाल इंडिगो के साथ मार्केट शेयर की प्रतिस्पर्धा में है, और अंतरराष्ट्रीय रूट पर एमिरेट्स और कतर एयरवेज जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला करने के लिए सेवा गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता है।
## समापन
इस बदलाव के साथ, एअर इंडिया की दिशा में एक नई उम्मीद जगी है। टाटा ग्रुप की यह योजना न केवल एयरलाइन की छवि को सुधारने के लिए आवश्यक है, बल्कि यह भारतीय विमानन उद्योग में प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देगी। एयरलाइन के नए CEO का चयन एअर इंडिया के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि टाटा ग्रुप अपने नए नेता के साथ एअर इंडिया को किस दिशा में ले जाता है।
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