# रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रूसी तेल की रिपोर्ट को किया खारिज
मुख्य बिंदु
# रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रूसी तेल की रिपोर्ट को किया खारिज
## गलत और निराधार खबरों पर रिलायंस का स्पष्टीकरण
विस्तृत जानकारी
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने हाल ही में मीडिया में आई उन खबरों को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है, जिनमें दावा किया गया था कि रूसी तेल से भरे जहाज उसकी जामनगर रिफाइनरी की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की रिपोर्ट उसकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है।
## आधिकारिक बयान में क्या कहा गया?
रिलायंस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मामले में एक पोस्ट साझा किया। इसमें कहा गया है कि एक समाचार रिपोर्ट में ‘रूसी तेल से लदे तीन जहाज रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की जामनगर रिफाइनरी की ओर आ रहे हैं’ का दावा किया गया है, जो पूरी तरह से गलत है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
कंपनी ने आगे कहा, “हमने पिछले तीन हफ्तों में कोई रूसी तेल कार्गो प्राप्त नहीं किया है और जनवरी में किसी भी रूसी कच्चे तेल की डिलीवरी की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।”
## मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल
रिलायंस ने इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि रिपोर्ट को प्रकाशित करने से पहले उसके पक्ष को नहीं लिया गया। कंपनी ने कहा, “हमें दुख है कि कुछ मीडिया संस्थान, जो निष्पक्ष पत्रकारिता का दावा करते हैं, ने हमारे बयान को नजरअंदाज करते हुए एक गलत रिपोर्ट प्रकाशित की।”
यह बयान रिलायंस की पारदर्शिता को उजागर करता है और यह दर्शाता है कि कंपनी अपने ग्राहकों और निवेशकों के प्रति कितनी गंभीर है।
## ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट का संदर्भ
यह मामला तब शुरू हुआ जब ब्लूमबर्ग ने एक रिपोर्ट जारी की, जिसका शीर्षक था ‘Ships with Russian oil signal Reliance Plant as Destination’ (रूसी तेल वाले जहाज रिलायंस प्लांट को बना रहे मंजिल)। इस रिपोर्ट में शिपिंग डेटा का हवाला देते हुए कहा गया था कि रूसी कच्चे तेल से लदे जहाज भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहे हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया था कि रिलायंस के एक प्रवक्ता ने इस बात से इनकार किया कि कार्गो कंपनी द्वारा खरीदे गए थे, और यह भी कहा गया कि जनवरी में डिलीवरी के लिए कोई कमिटेड शिपमेंट नहीं है।
## वैश्विक स्तर पर रूसी तेल का महत्व
यूक्रेन युद्ध के बाद से पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं, जिनमें तेल की खरीद भी शामिल है। इसके बाद, रूस ने भारत जैसे देशों को डिस्काउंट पर कच्चा तेल बेचना शुरू किया। भारत ने इसका फायदा उठाते हुए रूस से बड़ी मात्रा में तेल आयात किया, जिससे रूस, इराक और सऊदी अरब को पीछे छोड़कर भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर बन गया है।
इसी कारण से रूसी तेल से जुड़ी खबरों पर वैश्विक स्तर पर ध्यान दिया जाता है। यह स्थिति भारत के ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
## जामनगर रिफाइनरी की विशेषताएँ
गुजरात के जामनगर में स्थित रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे जटिल सिंगल-साइट रिफाइनरी है। यह रिफाइनरी किसी भी प्रकार के कच्चे तेल को प्रोसेस करके उच्च गुणवत्ता वाले ईंधन में परिवर्तित कर सकती है, जिससे यह वैश्विक तेल बाजार में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रूसी तेल से संबंधित गलत रिपोर्टों का खंडन करते हुए अपने ग्राहकों और निवेशकों को स्पष्ट संदेश दिया है। कंपनी की पारदर्शिता और नैतिकता इस उद्योग में एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में मीडिया और कंपनियों के बीच संवाद कैसे विकसित होता है।
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