# भारत में टोल प्लाजा होंगे कैशलेस: 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
मुख्य बिंदु
# भारत में टोल प्लाजा होंगे कैशलेस: 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
## कैशलेस टोल प्लाजा का महत्व
विस्तृत जानकारी
1 अप्रैल 2024 से भारत के सभी टोल प्लाजा पूरी तरह से कैशलेस हो जाएंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर ने इस बदलाव की जानकारी दी है। नए नियमों के अनुसार, वाहन चालकों को टोल टैक्स का भुगतान करने के लिए केवल फास्टैग (FASTag) या UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) का उपयोग करना होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल नाकों पर होने वाली लंबी कतारों को समाप्त करना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है।
## ‘नो-स्टॉप’ सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट
इस ‘नो-स्टॉप’ सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट वर्तमान में देश के 25 टोल प्लाजा पर चल रहा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन अभी जारी नहीं किया गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय इस डिजिटल बदलाव को लागू करने के लिए अंतिम तैयारियों में जुटा हुआ है। इसका लक्ष्य ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी को खत्म करना है।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
### कैश लेनदेन की समस्या
हालांकि फास्टैग पहले से ही अनिवार्य है, लेकिन कई टोल प्लाजा पर अभी भी कैश लेनदेन जारी है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। कैश पेमेंट को समाप्त करने से वाहनों को टोल बूथ पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रा की गति में सुधार होगा। सरकार के इस निर्णय के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं, जिनमें डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देना शामिल है।
## मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम की दिशा में कदम
कैश पेमेंट को समाप्त करने का यह कदम देश में ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) सिस्टम की दिशा में पहला कदम है। सरकार ऐसी तकनीक विकसित कर रही है, जिसमें हाईवे पर कोई भौतिक बैरियर नहीं होगा। इस प्रणाली के तहत, गाड़ियां अपनी गति से चलती रहेंगी और कैमरों और सेंसर्स की मदद से टोल अपने आप कट जाएगा। इससे सफर और भी आसान और तेज हो जाएगा।
## वाहन चालकों के लिए सलाह
नए नियम लागू होने से पहले, सभी वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने फास्टैग अकाउंट को सक्रिय रखें। यदि आप फास्टैग का उपयोग नहीं करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके स्मार्टफोन में UPI पेमेंट की सुविधा चालू हो। 1 अप्रैल 2024 के बाद, बिना डिजिटल पेमेंट के टोल प्लाजा पर पहुंचने पर आपको जुर्माना भरना पड़ सकता है या वापस लौटाया जा सकता है। हालांकि, नए नियमों की विस्तृत जानकारी अभी आना बाकी है।
## नई कारों के लिए फास्टैग प्रक्रिया में बदलाव
इसके अलावा, 1 फरवरी 2026 से नई कारों, जीपों और वैन के लिए फास्टैग जारी करते समय KYV (नो योर व्हीकल) प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस प्रक्रिया को खत्म करने का निर्णय लिया है। इससे वाहन मालिकों को बार-बार अपडेट करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, और उन्हें लंबे वेरिफिकेशन प्रक्रिया के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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भारत में टोल प्लाजा के कैशलेस होने से यात्रा को अधिक सुविधाजनक और तेज बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल पेमेंट के माध्यम से टोल भुगतान करने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आएगी। वाहन चालकों को नए नियमों के अनुसार तैयार रहना चाहिए और अपने फास्टैग या UPI पेमेंट विकल्प को सक्रिय रखना चाहिए। यह बदलाव भारत में सड़क परिवहन के भविष्य को एक नई दिशा देगा।
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