टॉप-10 कंपनियों में 3 की वैल्यू ₹75,855 करोड़ बढ़ी:SBI टॉप गेनर रही, इसकी वैल्यू ₹39,045 करोड़ बढ़ी; इंफोसिस का मार्केट कैप भी बढ़ा

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# भारतीय शेयर बाजार में तीन बड़ी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में बढ़ोतरी

मुख्य बिंदु

# भारतीय शेयर बाजार में तीन बड़ी कंपनियों की मार्केट वैल्यू में बढ़ोतरी

पिछले हफ्ते, भारतीय शेयर बाजार में देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से तीन की मार्केट वैल्यू में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी देखी गई। इस लेख में हम इस बढ़ोतरी के कारणों और इसके प्रभाव पर चर्चा करेंगे।

विस्तृत जानकारी

## SBI का मार्केट कैप में सबसे अधिक वृद्धि

### SBI की मार्केट वैल्यू में वृद्धि

भारतीय स्टेट बैंक (SBI), जो कि देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है, ने अपने मार्केट कैप में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की। SBI का मार्केट कैप 39,045.51 करोड़ रुपए बढ़कर ₹9.62 लाख करोड़ पर पहुँच गया। यह वृद्धि न केवल SBI के लिए, बल्कि भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए भी सकारात्मक संकेत है।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

### इंफोसिस और ICICI बैंक की स्थिति

इंफोसिस की मार्केट वैल्यू में भी वृद्धि हुई, जो ₹31,014.59 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ ₹7.01 लाख करोड़ तक पहुँच गई। इसके अलावा, ICICI बैंक का मार्केट कैप 5,795.33 करोड़ रुपए बढ़कर ₹10.09 लाख करोड़ पर पहुँच गया। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि तकनीकी और वित्तीय क्षेत्र में कंपनियाँ कैसे तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

## अन्य कंपनियों की मार्केट वैल्यू में कमी

### रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप गिरना

हालांकि, दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अन्य सात कंपनियों की वैल्यू में ₹75,549 करोड़ की कमी आई। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप ₹23,952 करोड़ घटकर ₹19.72 लाख करोड़ रह गया। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

### अन्य कंपनियों की स्थिति

लार्सन एंड टुब्रो की मार्केट वैल्यू ₹23,501.8 करोड़ घटकर ₹5.30 लाख करोड़ पर आ गई, जबकि HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹11,615.35 करोड़ घटकर ₹14.32 लाख करोड़ पर पहुँच गया। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि कुछ प्रमुख कंपनियों को इस समय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

## मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या है?

### मार्केट कैप की परिभाषा

मार्केट कैपिटलाइजेशन, जिसे आमतौर पर मार्केट कैप कहा जाता है, किसी कंपनी के कुल आउटस्टैंडिंग शेयरों की वैल्यू को दर्शाता है। इसे कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनके मूल्य से गुणा करके निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, यदि कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर हैं और एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 20 करोड़ रुपए होगी।

### मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का महत्व

शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनियों की मार्केट वैल्यू भी बदलती है। मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनियों और निवेशकों पर क्या असर पड़ता है, यह समझना महत्वपूर्ण है। एक बड़ा मार्केट कैप कंपनी को फंड जुटाने, लोन लेने और अन्य कंपनियों का अधिग्रहण करने में मदद करता है।

## निवेशकों के लिए मार्केट कैप का महत्व

### बढ़ती मार्केट कैप का लाभ

निवेशकों के लिए, मार्केट कैप का बढ़ना उनके लिए फायदेमंद होता है क्योंकि इससे उनके शेयरों की कीमतें बढ़ती हैं। यदि मार्केट कैप गिरता है, तो इससे नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का निर्णय ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए अधिक पूंजी प्राप्त हो सकती है।

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इस प्रकार, भारतीय शेयर बाजार में हाल के बदलावों ने कई कंपनियों की मार्केट वैल्यू को प्रभावित किया है। SBI, इंफोसिस, और ICICI बैंक जैसे कंपनियों की वृद्धि ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जबकि रिलायंस और अन्य कंपनियों की गिरावट ने निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना दिया है। निवेशकों को चाहिए कि वे इन परिवर्तनों पर ध्यान दें और अपने निवेश के निर्णयों को समझदारी से लें।

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