नीतीश के बजट से ‘शर्माजी’ की फैमिली को क्या मिला:बेटे के लिए अच्छी नौकरी नहीं, बेटी की सुरक्षा की बात नहीं, हां; दादाजी को 3,000 मिलेंगे

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मैं सौरभ शर्मा हूं। 30 साल का एक आम बिहारी लड़का। पापा रिटायर्ड टीचर हैं। पेंशन आती है, मैं प्राइवेट जॉब करता हूं। लेकिन सैलरी इतनी कि बस घर चलता रहे। चुनाव बाद से बजट से सबकी उम्मीदें बंधी थीं। नई सरकार, नया बजट, शायद कुछ बदलाव आए। रोजगार आए, फैक्ट्रियां लगे, नौकरी मिले, घर की हालत सुधरे। मंगलवार को टीवी के सामने बैठ गया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव बजट पेश कर रहे थे। सोचता रहा- क्या कोई नया ऐलान होगा? लेकिन बजट भाषण तो सिर्फ 12 मिनट में खत्म हो गया। ना कोई जोश, ना कोई नई स्कीम का जिक्र, जो दिल को छू ले। कुल बजट 3.47 लाख करोड़ का। पिछले साल से महज 30 हजार करोड़ ज्यादा। बजट का 60% यानी करीब 1.56 लाख करोड़ सिर्फ सैलरी, पेंशन और ब्याज में चला जाएगा। बाकी बचे 1.52 लाख करोड़ में सारा विकास, सारी योजनाएं, सारी उम्मीदें समेटनी हैं। सुनकर मन उदास हो गया। सोचा, क्या यही है वो ‘संपन्न बिहार, समृद्ध बिहार’ का रोडमैप? मैं टकटकी लगाए देखता रहा, उम्मीदें टूटती गईं। परिवार वाले पूछ रहे थे- ’क्या मिला?” मैं बस चुपचाप सोचता रहा- क्या सच में कुछ मिला? अब भास्कर एक्सपर्ट के जरिए 11 पॉइंट्स में जानिए, शर्मा जी की फैमिली को क्या मिला? भास्कर एक्सपर्ट सुधांशु कुमार- एसोसिएट प्रोफेसर, बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी शांतनु कुमार- असिस्टेंट प्रोफेसर, इकोनॉमिक्स, पटना यूनिवर्सिटी अविरल पांडेय- असिस्टेंट प्रोफेसर, इकोनॉमिक्स, पटना यूनिवर्सिटी प्रियंका- जेंडर एक्सपर्ट सवाल-1ः सौरभ शर्मा नौकरीपेशा है, उसे बजट से क्या मिला? जवाब- नौकरीपेशा लोगों के लिए बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं किए गए हैं। ना शर्मा जी के पेट्रोल का खर्चा कम होगा, ना किचन का सामान सस्ता होगा। सौरभ के लिए स्किल बेहतर करने की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ना ट्रेनिंग का प्रोग्राम ना नए जॉब्स का ऑप्शन। रोज ऑफिस आने-जाने के लिए ट्रैफिक ठीक करने की कवायद भी नहीं की गई है। कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों का रेगुलराइजेशन करने का प्रावधान नहीं है। सवाल-2ः सौरभ का भाई बेरोजगार है। उसके लिए बजट में क्या है? जवाबः सौरभ का भाई अगर नौकरी-रोजगार करना चाहे तो उसके लिए कुछ स्कोप है। सरकार ने बजट में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का टारगेट रखा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गयाजी में IMC के फेज-2 को विकसित करने की घोषणा की गई है। पटना के फतुहा के पास मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और फिनटेक सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इस साल सरकार सारण के अमनौर में फार्मास्युटिकल पार्क डेवलप करने का ऐलान की है। अगर ये घोषणाएं जमीन पर लागू होती हैं तो बिहार में रोजगार की सुरक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सवाल-3ः शर्मा जी के दादा जी किसान हैं, उन्हें बजट में क्या मिला? जवाब- शर्मा जी के दादा जी के लिए 3,000 रुपए सालान में देने का प्रावधान किया गया है। अभी तक केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 6 हजार रुपए देती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर बिहार सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि देने की घोषणा की है। इसके तहत सौरभ के दादा जी को हर साल 3 हजार रुपए ज्यादा मिलेंगे। मतलब, अब किसानों को सालाना 9 हजार रुपए दिए जाएंगे। साथ ही शर्मा जी के दादा कृषि में मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर सकें इसके लिए AI युक्त यांत्रिक कृषि मिशन का गठन किया जाएगा। ग्रामीण कृषि हाट के विकास के क्षेत्र में राज्य को बेहतर बनाने के लिए बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन का गठन किया जाएगा। 200 प्रखंडों में तरकारी आउटलेट्स की भी स्थापना की जा रही है।

मुख्य बिंदु

मैं सौरभ शर्मा हूं। 30 साल का एक आम बिहारी लड़का। पापा रिटायर्ड टीचर हैं। पेंशन आती है, मैं प्राइवेट जॉब करता हूं। लेकिन सैलरी इतनी कि बस घर चलता रहे। चुनाव बाद से बजट से सबकी उम्मीदें बंधी थीं। नई सरकार, नया बजट, शायद कुछ बदलाव आए। रोजगार आए, फैक्ट्रियां लगे, नौकरी मिले, घर की हालत सुधरे। मंगलवार को टीवी के सामने बैठ गया। वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव बजट पेश कर रहे थे। सोचता रहा- क्या कोई नया ऐलान होगा? लेकिन बजट भाषण तो सिर्फ 12 मिनट में खत्म हो गया। ना कोई जोश, ना कोई नई स्कीम का जिक्र, जो दिल को छू ले। कुल बजट 3.47 लाख करोड़ का। पिछले साल से महज 30 हजार करोड़ ज्यादा। बजट का 60% यानी करीब 1.56 लाख करोड़ सिर्फ सैलरी, पेंशन और ब्याज में चला जाएगा। बाकी बचे 1.52 लाख करोड़ में सारा विकास, सारी योजनाएं, सारी उम्मीदें समेटनी हैं। सुनकर मन उदास हो गया। सोचा, क्या यही है वो ‘संपन्न बिहार, समृद्ध बिहार’ का रोडमैप? मैं टकटकी लगाए देखता रहा, उम्मीदें टूटती गईं। परिवार वाले पूछ रहे थे- ’क्या मिला?” मैं बस चुपचाप सोचता रहा- क्या सच में कुछ मिला? अब भास्कर एक्सपर्ट के जरिए 11 पॉइंट्स में जानिए, शर्मा जी की फैमिली को क्या मिला? भास्कर एक्सपर्ट सुधांशु कुमार- एसोसिएट प्रोफेसर, बिहार इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी शांतनु कुमार- असिस्टेंट प्रोफेसर, इकोनॉमिक्स, पटना यूनिवर्सिटी अविरल पांडेय- असिस्टेंट प्रोफेसर, इकोनॉमिक्स, पटना यूनिवर्सिटी प्रियंका- जेंडर एक्सपर्ट सवाल-1ः सौरभ शर्मा नौकरीपेशा है, उसे बजट से क्या मिला? जवाब- नौकरीपेशा लोगों के लिए बजट में कुछ खास प्रावधान नहीं किए गए हैं। ना शर्मा जी के पेट्रोल का खर्चा कम होगा, ना किचन का सामान सस्ता होगा। सौरभ के लिए स्किल बेहतर करने की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ना ट्रेनिंग का प्रोग्राम ना नए जॉब्स का ऑप्शन। रोज ऑफिस आने-जाने के लिए ट्रैफिक ठीक करने की कवायद भी नहीं की गई है। कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारियों का रेगुलराइजेशन करने का प्रावधान नहीं है। सवाल-2ः सौरभ का भाई बेरोजगार है। उसके लिए बजट में क्या है? जवाबः सौरभ का भाई अगर नौकरी-रोजगार करना चाहे तो उसके लिए कुछ स्कोप है। सरकार ने बजट में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का टारगेट रखा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गयाजी में IMC के फेज-2 को विकसित करने की घोषणा की गई है। पटना के फतुहा के पास मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और फिनटेक सिटी की स्थापना की घोषणा की गई है। इस साल सरकार सारण के अमनौर में फार्मास्युटिकल पार्क डेवलप करने का ऐलान की है। अगर ये घोषणाएं जमीन पर लागू होती हैं तो बिहार में रोजगार की सुरक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। सवाल-3ः शर्मा जी के दादा जी किसान हैं, उन्हें बजट में क्या मिला? जवाब- शर्मा जी के दादा जी के लिए 3,000 रुपए सालान में देने का प्रावधान किया गया है। अभी तक केंद्र सरकार किसान सम्मान निधि के तहत सालाना 6 हजार रुपए देती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की तर्ज पर बिहार सरकार ने जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि देने की घोषणा की है। इसके तहत सौरभ के दादा जी को हर साल 3 हजार रुपए ज्यादा मिलेंगे। मतलब, अब किसानों को सालाना 9 हजार रुपए दिए जाएंगे। साथ ही शर्मा जी के दादा कृषि में मॉडर्न तकनीक का इस्तेमाल कर सकें इसके लिए AI युक्त यांत्रिक कृषि मिशन का गठन किया जाएगा। ग्रामीण कृषि हाट के विकास के क्षेत्र में राज्य को बेहतर बनाने के लिए बिहार कृषि एक्सीलेरेशन मिशन का गठन किया जाएगा। 200 प्रखंडों में तरकारी आउटलेट्स की भी स्थापना की जा रही है।

सवाल-4ः सौरभ की मां गृहिणी हैं, उन्हें इस बजट में क्या मिला? जवाब- इस बजट में गृहिणियों को आर्थिक तौर पर स्वावलंबी बनाने की कोशिश की है। सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत उन्हें अपना छोटा काम (जैसे सिलाई, फूड प्रोसेसिंग, या हस्तशिल्प) शुरू करने के लिए 2 लाख रुपए की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार मिल सके, इसके लिए गांव से लेकर शहर तक हाट-बाजार विकसित किए जाएंगे। बाजारों में उनके लिए ‘पिंक टॉयलेट्स’ की सुविधा दी जाएगी। सवाल-5ः सौरभ की छोटी बहन कॉलेज में पढ़ती है, उन्हें बजट में क्या मिला? जवाब- सौरभ की छोटी बहन के करियर के लिए सरकार ने अपनी तिजोरी खोली है। सरकार नए एजुकेशन सिटी का निर्माण कराएगी। हालांकि, उसकी सुरक्षा के लिए खास प्रावधान नहीं किया गया है। हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज की स्थापना करेगी। पुराने संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपग्रेड करेगी। इतना ही नहीं, राज्य में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के ऑफ कैंपस की भी स्थापना होगी। साइबर सिक्योरिटी सेंटर की स्थापना होगी। 3 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। 243 विधानसभा क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी केंद्र की स्थापना की जाएगी। इनसे सौरभ की बहन को न केवल पढ़ाई के लिए बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि वह मुफ्त में उन कोर्सेज को कर पाएंगी, जिनकी पढ़ाई अब तक बिहार में नहीं होती थी। सवाल-6ः सौरभ का बेटा 5वीं क्लास में पढ़ता है, उसे क्या मिला? जवाब- सौरभ के बेटे को अब बिहार में ही वर्ल्ड क्लास पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। बिहार में 836 पीएम श्री विद्यालयों में आईसीटी लैब, स्मार्ट क्लास, ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर और लैंग्वेज लैब खुलेंगे। 85 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में डेवलप किया जाएगा। सबसे बड़ी बात, अब आठवीं तक के हर स्टूडेंट्स को न केवल फ्री में पढ़ाई मिलेगी, बल्कि किताब और डायरी भी सरकार फ्री देगी। सवाल-7ः सौरभ घर बनाना चाहता है, या जमीन खरीदना चाहता है तो क्या कोई बदलाव किया गया है? जवाब- बजट में जमीन या घर बनाने की सामग्री को लेकर बहुत कुछ बदलाव नहीं किया गया है। जो पुराने नियम और रेट हैं, वही आगे भी लागू रहेंगे। हां, सौरभ अगर अपनी पत्नी या मां के नाम पर रजिस्ट्री कराता है तो उसे स्टाम्प ड्यूटी में विशेष छूट का लाभ मिल सकता है। सवाल-8ः सौरभ गाड़ी खरीदना चाहता है, क्या बजट में कोई घोषणा की गई है? जवाब- हां सरकार ने ट्रांसपोर्ट सेक्शन में अलग-अलग घोषणाएं की हैं। सौरभ अगर ई-व्हीकल खरीदना चाहता है तो ये उसके लिए बेस्ट टाइम हो सकता है। सरकार ई-व्हीकल को बढ़ावा दे रही है। राज्य भर में 500 से अधिक ग्रीन बस स्टॉप की शुरुआत होगी। 2000 से अधिक पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। सभी प्रखंडों और ग्राम पंचायतों को कवर करने वाले CNG स्टेशन खोले जाएंगे। HMV के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। सवाल-9ः शर्मा जी के जीजाजी इंडस्ट्री लगाना चाहते हैं, क्या इसके लिए कोई प्रावधान किया गया है? जवाब- सौरभ के जीजाजी अगर अपनी इंडस्ट्री स्टार्ट करना चाहते हैं तो यह समय उनके लिए बिल्कुल मुफीद है। सरकार की तरफ से इंडस्ट्री स्टार्ट करने के लिए बजट में कई तरह के नए प्रावधान किए गए हैं। सरकार बिहार उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग का गठन करेगी। अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत गयाजी में IMC के फेज-2 को विकसित किया जाएगा। पटना के फतुहा के पास मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और फिनटेक सिटी की स्थापना की जाएगी। सारण के अमनौर में फार्मास्युटिकल पार्क विकसित किया जाएगा।

विस्तृत जानकारी

सवाल-10ः शर्मा जी का दोस्त नया स्टार्टअप शुरू करना चाहता है, उसके लिए कोई प्रावधान किया गया है? जवाब- बजट में स्टार्टअप के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बिहार पॉलिसी के तहत नए बिजनेस के लिए ब्याज मुक्त लोन और ‘सीड फंड’ की व्यवस्था की गई है। साथ ही, क्लस्टर आधारित उद्योगों के लिए विशेष छूट दी गई है। सवाल-11ः शर्मा जी के बेटे की दिलचस्पी खेल में है। उसके लिए कुछ घोषणा की गई है? जवाब- अगर शर्मा जी का बेटा खेल में करियर बनाना चाहता है तो उसके लिए बजट में निराशा हाथ लगेगी। खेल को लेकर बजट में कोई पॉलिसी सरकार लेकर नहीं आई है। बस एक घोषणा की गई है कि राज्य के सभी 154 नगर पंचायतों में खेल क्लब का गठन किया जाएगा।

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