विदेशी निवेशकों का डर होगा खत्म:भारत-यूएस डील से केमिकल, आईटी, फार्मा में मिलेंगे बडे़ मौके

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अमेरिका-भारत ट्रेड डील ने भारतीय शेयर बाजार में उत्साह का सैलाब ला दिया है। निफ्टी और बैंक निफ्टी ने रिकॉर्ड छलांग लगाई, हालांकि भारी उतार-चढ़ाव और मुनाफा वसूली ने निवेशकों की धड़कनें भी बढ़ाईं। इसके बावजूद, बाजार 2.5 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहा। सेंसेक्स 2072 अंक और निफ्टी 639 अंक चढ़कर बंद हुए। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 85,871 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। अदाणी पोर्ट्स 9.12 फीसदी की बढ़त के साथ टॉप गेनर रहा। निफ्टी 2.53 फीसदी उछलकर 25,700 के पार बंद हुआ। बैंक निफ्टी ने 61,765 का नया ऑल-टाइम हाई बनाया। विशेषज्ञों का मानना है कि शुल्क घटने से निर्यात सस्ता होगा, जिससे भारतीय कंपनियों के मुनाफे में बड़ी बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। इससे अमेरिका को निर्यात करने वाली कंपनियों की लागत अब 7% कम हो जाएगी। जियोजीत इन्वेस्टमेंट में रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच हुई यह डील बाजार के लिए एक ‘सेंटिमेंट बूस्टर’ है, लेकिन निवेशकों को अभी भी ‘स्टॉक स्पेसिफिक’ रहने की जरूरत है। तेजी देखकर पैसा न लगाएं। दिसंबर 2026 तक निफ्टी-50 के लिए 29,150 का लक्ष्य रखा है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि निफ्टी सालाना आधार पर 10% से 15% का रिटर्न दे सकता है।
वैश्विक कंपनिया अब चीन के विकल्प के तौर पर भारत में निवेश बढ़ाएंगी बर्नस्टीन, नोमुरा और जेफरीज जैसे वैश्विक दिग्गज ब्रोकरेज ने ट्रेड डील को भारतीय बाजार के लिए ‘गेम-चेंजर’ बताया है। इनके मुताबिक अमेरिका को निर्यात करने वाली भारतीय कंपनियों का खर्च घटेगा और मुनाफा बढ़ेगा। नोमुरा के अनुसार, अनिश्चितता खत्म होने से अब वैश्विक कंपनियां चीन के विकल्प के तौर पर भारत में निवेश बढ़ाएंगी। सेंटीमेंट-फंडामेंटल मजबूत, पर गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाएं मार्केट एनालिस्ट अंबरीश बालिगा के अनुसार, ट्रेड डील से खुले निर्यात के बंद रास्ते, अब ‘सेंटीमेंट’ और ‘फंडामेंटल’ दोनों मजबूत। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का बाजार पर असर केवल ‘सेंटीमेंटल’ नहीं है, बल्कि इसके पीछे मजबूत फंडामेंटल कारण भी हैं। चूंकि डील से लाभ उठाने वाले सेक्टर्स काफी ज्यादा चल चुके हैं, इसलिए तुरंत इनमें खरीदारी न करें। कुछ दिनों तक बाजार के ‘कंसोलिडेट’ (स्थिर) होने का इंतजार करें। जब थोड़ी गिरावट या करेक्शन आए, तब इन सेक्टर्स में लंबी अवधि के लिए निवेश करना सही रहेगा।

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