रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक ने मुंबई में आयोजित ‘इन्वेस्टिंग फॉर ए न्यू एरा’ कार्यक्रम में भारत के भविष्य का रोडमैप पेश किया। अंबानी ने विश्वास जताया कि भारत अगले दो-तीन दशकों में 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत करने वाला देश रहा है, लेकिन अब समय निवेश का है। अगर भारतीयों की बचत पूंजी बाजार में आती है, तो इससे न केवल परिवारों की संपत्ति बढ़ेगी, बल्कि देश की जीडीपी को भी गति मिलेगी। लैरी फिंक ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश ही वेल्थ क्रिएशन का सबसे प्रभावी जरिया है। मुंकेश अंबानी ने कहा कि मजबूत नीति, राजनीतिक स्थिरता और डिजिटल क्रांति ने भारत को निवेश के लिए दुनिया का सबसे आकर्षक केंद्र बना दिया है। अंबानी ने कहा कि आज का भारत प्रचुर फलों से लदा हुआ वृक्ष है, जो देश की दीर्घकालिक ग्रोथ पर भरोसा करेंगे, वही आने वाले दशकों में ज्यादा लाभ पाएंगे। भारत अब खपत से इनोवेशन हब बन रहा है लैरी फिंक ने भारत को विश्व अर्थव्यवस्था के लिए ‘आशा की किरण’ बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह भारत ने अपनी युवा आबादी को यूपीआई, आधार जैसी डिजिटल तकनीक से जोड़ा है, उसने भारत को एक नई पहचान दी है। अंबानी ने कहा कि भारत अब केवल खपत का बाजार नहीं, बल्कि ‘इनोवेशन हब’ बन चुका है। एक दशक में ऊर्जा के क्षेत्र में भारत बनेगा आत्मनिर्भर अंबानी ने दावा किया कि अगले दशक में भारत अपनी 80% ऊर्जा जरूरतें घरेलू स्रोतों से पूरी कर सकता है। लैरी फिंक ने रिलायंस के ‘नेट-जीरो’ लक्ष्य की सराहना करते हुए कहा कि भारत भविष्य में हरित ऊर्जा का प्रमुख निर्यातक बन सकता है। युवा खड़ी कर सकते हैं रिलायंस जैसी 100 नई कंपनियां मुकेश अंबानी ने भारतीय स्टार्टअप्स और युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले समय में देश में रिलायंस के स्तर की कम से कम 100 नई कंपनियां खड़ी होंगी। उन्होंने युवाओं को ‘ग्रोथ’ पर भरोसा करने और लंबे समय के लिए निवेश करने की सलाह दी।
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