टेक कंपनी ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारी निकाले:इनमें 12 हजार भारतीय; सुबह मेल कर लिखा- आज लास्ट वर्किंग डे

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दुनिया के छठे सबसे अमीर कारोबारी लैरी एलिसन की टेक कंपनी ओरेकल ने करीब 30 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया है। इनमें भारत के 12 हजार कर्मचारी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अगले महीने छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू कर सकती है। कर्मचारियों को सोमवाह सुबह 6 बजे इनबॉक्स में टर्मिनेशन लेटर मिले। इसमें लिखा था कि आज उनका लास्ट वर्किंग डे है। कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। कंपनी ने अभी तक छंटनी की वजह नहीं बताई है। इंडिया टुडे के मुताबिक ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारियों को मेल में लिखा- हम आपको आपके पद से जुड़ी एक जरूरी और कठिन जानकारी देना चाहते हैं। कंपनी की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमने संगठन में बड़े बदलाव के तहत आपका पद खत्म करने का फैसला किया है। इसलिए आज आपका आखिरी कार्य दिवस है। हम आपके योगदान, मेहनत और काम के लिए धन्यवाद देते हैं। टर्मिनेशन से जुड़े दस्तावेज साइन करने के बाद आप सेवरेंस पैकेज (नौकरी खत्म होने पर मिलने वाला भुगतान) पाने के पात्र होंगे, जो कंपनी की शर्तों के अनुसार होगा। इसके बारे में आपको आपके ओरेकल ईमेल पर DocuSign के जरिए जानकारी मिलेगी। आगे की जरूरी जानकारी, FAQ और दस्तावेज पाने के लिए आपको अपना पर्सनल ईमेल एड्रेस देना होगा। कृपया तुरंत अपना पर्सनल ईमेल सबमिट करें। अगर कोई गलती हो जाए तो नया फॉर्म भर सकते हैं। यह ईमेल केवल सेपरेशन और सेवरेंस से जुड़ी जानकारी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। जल्द ही आपके कंप्यूटर, ईमेल, वॉइसमेल और फाइल्स का एक्सेस बंद कर दिया जाएगा और आप सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पाएंगे। ध्यान रहे कि आप कंपनी की कोई भी गोपनीय जानकारी डाउनलोड, कॉपी या अपने पास नहीं रख सकते। हमारे संगठन में आपके योगदान के लिए धन्यवाद। अगर कोई सवाल हो तो HR टीम से संपर्क करें। दावा- AI की वजह से कर्मचारियों को निकाला एक सीनियर मैनेजर माइकल शेफर्ड ने लिंक्डइन पर लिखा कि सीनियर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशंस लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर्स और टेक्निकल स्पेशलिस्ट्स को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह छंटनी परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं की गई है। इधर, BBC की एक रिपोर्ट में सीनियर कर्मचारियों के हवाले से बताया है कि कंपनी AI में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। ओरेकल अंदरूनी तौर पर AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही है। इसकी मदद से कम कर्मचारी ज्यादा काम कर पा रहे हैं। एक्सपर्ट बोले- इनविजिबल लेऑफ किया जा रहा एक्सपर्ट्स इसे ‘इनविजिबल लेऑफ’ कह रहे हैं, जिसमें कंपनियां बिना बड़ी घोषणा किए चुपचाप धीरे-धीरे कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। पिछले तीन महीनों में अमेजन, मेटा और डेल जैसी कंपनियों में मिलाकर 94 हजार से ज्यादा लोग नौकरी खो चुके हैं। कर्मचारी ने कहा- 16 घंटे की शिफ्ट का विरोध करने पर निकाला था ओरेकल के पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर का कहना है कि उन्हें सितंबर में नौकरी से निकाल दिया गया था। उन्होंने कंपनी में 16 घंटे की लंबी शिफ्ट के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनका दावा है कि इसी वजह से उन्हें बाहर किया गया। श्रीधर ने यह भी कहा कि इस मामले में अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल ओरेकल ———————– ये खबर भी पढें… रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान:सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट’ नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें…

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