गुरुग्राम बेस्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) आय फाइनेंस अपना IPO लेकर आ रही है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह इश्यू 9 फरवरी को खुलेगा और निवेशक 11 फरवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए 1,010 रुपए जुटाना चाहती है। IPO के आधिकारिक तौर पर खुलने से पहले कंपनी ने 6 फरवरी को एंकर निवेशकों के जरिए 454.5 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं। कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर 19 एंकर इन्वेस्टर्स को 3.52 करोड़ शेयर अलॉट किए हैं। निप्पॉन लाइफ और गोल्डमैन सैक्स सबसे बड़े निवेशक
मुख्य बिंदु
गुरुग्राम बेस्ड नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) आय फाइनेंस अपना IPO लेकर आ रही है। पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए यह इश्यू 9 फरवरी को खुलेगा और निवेशक 11 फरवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस इश्यू के जरिए 1,010 रुपए जुटाना चाहती है। IPO के आधिकारिक तौर पर खुलने से पहले कंपनी ने 6 फरवरी को एंकर निवेशकों के जरिए 454.5 करोड़ रुपए जुटा लिए हैं। कंपनी ने अपर प्राइस बैंड पर 19 एंकर इन्वेस्टर्स को 3.52 करोड़ शेयर अलॉट किए हैं। निप्पॉन लाइफ और गोल्डमैन सैक्स सबसे बड़े निवेशक
कंपनी के एंकर बुक में बड़े ग्लोबल और घरेलू नामों ने दिलचस्पी दिखाई है। इसमें सबसे बड़े निवेशक निप्पॉन लाइफ इंडिया और गोल्डमैन सैक्स फंड्स रहे हैं। इन दोनों ही कंपनियों ने ₹74-74 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। इनके अलावा बे पॉन्ड, सोसाइटी जनरल, बीएनपी पारिबा और अशोक इंडिया इक्विटी इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसे वैश्विक निवेशकों ने भी हिस्सा लिया है।
विस्तृत जानकारी
प्राइस बैंड ₹122 से ₹129 तक
कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 122 से 129 रुपए प्रति शेयर तय किया है। निवेशक कम से कम 116 शेयरों के एक लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए ऊपरी स्तर पर 14,964 रुपए निवेश करने होंगे। वहीं अधिकतम 1,94,532 रुपए लगा सकेंबे। बिजनेस विस्तार में होगा फंड का इस्तेमाल
आय फाइनेंस कंपनी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को लोन देने का काम करती है। कंपनी ने बताया कि IPO से मिलने वाले नए फंड (710 करोड़ रुपए) का इस्तेमाल अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी को भविष्य में अपने बिजनेस और एसेट्स की ग्रोथ के लिए जरूरी पूंजी मिल सकेगी। IPO क्या होता है?
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर्स को आम लोगों के लिए जारी करती है तो इसे इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO कहते हैं। कंपनी को कारोबार बढ़ाने के लिए पैसे की जरूरत होती है। ऐसे में कंपनी बाजार से कर्ज लेने के बजाय कुछ शेयर पब्लिक को बेचकर या नए शेयर इश्यू करके पैसा जुटाती है। इसी के लिए कंपनी IPO लाती है।
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