मस्क बोले- सरकारी मदद से नहीं मिली सफलता:स्पेसएक्स-टेस्ला की कुल वैल्यू में इंसेंटिव्स सिर्फ 2%; हाल ही में दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बने

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टेस्ला और स्पेसएक्स के CEO इलॉन मस्क ने उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि उनकी सफलता सरकारी मदद की वजह से है। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिकी सीनेटर्स के बीच चल रही बहस में दखल देते हुए एक हालिया आर्टिकल को पूरी तरह झूठा करार दिया। मस्क का कहना है कि कंपनियों को मिली सरकारी मदद यानी छूट स्पेसएक्स और टेस्ला की कुल वैल्यू का 2% भी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जब डोनाल्ड ट्रम्प ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर मिलने वाली सब्सिडी रोकी थी, तब टेस्ला की बिक्री घटने के बजाय और बढ़ गई थी। हाल ही में मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बने हैं। मस्क ने कहा- आर्टिकल पूरी तरह झूठा है मस्क ने X पर लिखा, ‘आर्टिकल पूरी तरह से झूठा है। आप मेरी कंपनियों को अब तक मिले हर सरकारी इंसेंटिव को आपस में जोड़ सकते हैं, वे स्पेसएक्स और टेस्ला की कुल वैल्यू के 2% से भी कम है। असल में इनमें से कई इंसेंटिव्स ने हमारी तुलना में हमारे कॉम्पिटिटर्स को बहुत ज्यादा फायदा पहुंचाया है। टैक्स क्रेडिट हटा, तो बढ़ गई टेस्ला की सेल मस्क ने अपनी बात को साबित करने के लिए एक उदाहरण भी दिया। उन्होंने दावा किया कि जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के लिए मिलने वाले 7,500 डॉलर के फेडरल टैक्स क्रेडिट को हटा दिया था। तब टेस्ला की बिक्री घटने के बजाय बढ़ गई थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि खरीदार दूसरे ईवी मेकर्स को छोड़कर तेजी से टेस्ला की तरफ शिफ्ट हो गए, जिससे हमें मार्केट शेयर बढ़ाने में मदद मिली थी। दो अमेरिकी सीनेटर्स के बीच बहस से शुरू हुआ विवाद सीनेटर माइक ली ने किया इलॉन मस्क का बचाव एड मार्की के इस तंज पर सीनेटर माइक ली ने दोबारा जवाब दिया और इलॉन मस्क का बचाव किया। ली ने लिखा कि तथ्य यह है कि कांग्रेस (अमेरिकी संसद) ने कई चीजों को सब्सिडी दी है, जिसका मैंने हमेशा कड़ा विरोध किया है। हालांकि, इसके बावजूद इलॉन का पैसा आपका या सरकार का नहीं हो जाता। सोशल मीडिया पर दोनों सीनेटर्स की यह बहस तेजी से वायरल हो गई, जिसके बाद खुद मस्क को इस पर सफाई देने सामने आना पड़ा। आलोचना और समर्थन को लेकर बंटी राय मस्क की कंपनियों को लेकर बाजार में दो तरह की राय हैं। आलोचकों का तर्क है कि टेस्ला और स्पेसएक्स जैसी कंपनियों ने अपने शुरुआती ग्रोथ के दिनों में सरकारी टैक्स क्रेडिट, ग्रांट और अन्य इंसेंटिव्स का भरपूर फायदा उठाया है। वहीं मस्क के समर्थकों का कहना है कि ये सभी सरकारी प्रोग्राम इंडस्ट्री की सभी कंपनियों के लिए खुले थे। ऐसे में सरकारी स्कीम का फायदा लेने से इन कंपनियों की सफलताओं और उपलब्धियों का महत्व कम नहीं हो जाता। इंसेंटिव्स और टैक्स क्रेडिट क्या हैं? एक छोटा बॉक्स जिसमें समझाया जाए कि अमेरिकी सरकार ईवी (EV) और स्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कंपनियों और ग्राहकों को किस तरह के टैक्स क्रेडिट (जैसे $7500 की छूट) और ग्रांट देती है और कैसे यह कंपनियों के शुरुआती दिनों में गेम चेंजर साबित होते हैं। मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनियर बने 4 दिन पहले सबसे अमीर कारोबारी मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। उनकी नेटवर्थ 95 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई है। मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के IPO की लिस्टिंग के बाद उनकी वेल्थ में यह रिकॉर्ड उछाल आया है। शुक्रवार 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर स्पेसएक्स के शेयर की ट्रेडिंग 150 डॉलर प्रति शेयर पर शुरू हुई। फोर्ब्स के मुताबिक, आईपीओ के लिस्ट होने के बाद मस्क की कुल नेटवर्थ बढ़कर 1.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, जो गुरुवार को 982 बिलियन डॉलर थी। ये खबर भी पढ़ें… इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलिनियर: इतना पैसा हर घंटे ₹10 करोड़ खर्च करने पर 114 साल लगेंगे, स्पेसएक्स का IPO अमेरिका में लिस्ट दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। उनकी नेटवर्थ 95 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई हैं। मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स के IPO की लिस्टिंग के बाद उनकी वेल्थ में यह रिकॉर्ड उछाल आया है। शुक्रवार 12 जून को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक पर स्पेसएक्स के शेयर की ट्रेडिंग 150 डॉलर प्रति शेयर पर शुरू हुई। फोर्ब्स के मुताबिक आईपीओ के लिस्ट होने के बाद मस्क की कुल नेटवर्थ बढ़कर 1.1 ट्रिलियन डॉलर हो गई है, जो गुरुवार को 982 बिलियन डॉलर थी। पूरी खबर पढ़ें…

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