सऊदी अरब में भारतीय भी खरीद सकेंगे अपना घर:ऑयल इकोनॉमी पर निर्भरता घटाने का बड़ा फैसला; 24 लाख प्रवासियों को सीधा फायदा

Spread the love

सऊदी अरब ने अपने रियल एस्टेट सेक्टर को विदेशियों के लिए खोल दिया है। ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ नाम के नए डिजिटल पोर्टल के जरिए अब विदेशी नागरिक, कंपनियां और निवेशक वहां प्रॉपर्टी खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह कदम जनवरी, 2026 में लागू हुए विदेशी रियल एस्टेट स्वामित्व कानून के तहत उठाया गया है। इस बदलाव से सबसे अधिक फायदा करीब 24 लाख उन भारतीयों को हो सकता है जो सऊदी अरब में रहते और काम करते हैं। अब तक भारतीय केवल किराए पर मकान ले सकते थे। लेकिन नई व्यवस्था के तहत वे वहां प्रॉपर्टी के मालिक भी बन सकते हैं। रियल एस्टेट जनरल अथॉरिटी (रेगा) ने बताया कि ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ पोर्टल पूरी तरह डिजिटल है। इसके जरिए आप अपनी पात्रता जांच सकते हैं, आवेदन कर सकते हैं, और अपने आवेदन की स्थिति भी ट्रैक कर सकते हैं। हालांकि दो पवित्र शहरों मक्का और मदीना के लिए नियम अब भी सख्त हैं। इन दोनों शहरों में प्रॉपर्टी का मालिकाना हक केवल सऊदी कंपनियों और मुस्लिम प्रवासियों/नागरिकों को ही दिया जाएगा। 6.8 लाख करोड़ रुपए का है सऊदी अरब का रियल एस्टेट मार्केट (2025)। 2034 तक करीब 13 लाख करोड़ होने का अनुमान है। जानिए नए नियमों के तहत सऊदी अरब में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए कैसे कर सकते हैं निवेश भारतीय खरीदारों के लिए कितना बड़ा मौका? रियल एस्टेट कन्सल्टेंसी फर्म एनारॉक ग्रुप के सीईओ (रिटेल) अनुज केजरीवाल ने कहा, ‘किंगडम में भारतीय प्रवासियों की बड़ी आबादी है। नए नियमों के चलते सांस्कृतिक रूप से परिचित होने और किराए की मांग अच्छी होने की वजह से खास तौर पर प्राइम और बिजनेस-लिंक्ड लोकेशंस में भारतीय खरीदारों की दिलचस्पी काफी बढ़ सकती है।’ दुबई से कितना अलग है? केजरीवाल के मुताबिक, सऊदी का बाजार नया होने के कारण कई खरीदार अब भी दुबई जैसे परखे हुए मार्केट्स को तरजीह दे सकते हैं। दुबई का बाजार पुराना और भारतीयों का जाना-पहचाना है। शुरुआत में भारतीयों की मांग थोड़ी सीमित भी रह सकती है क्योंकि नियम अभी बन रहे हैं। वैसे सऊदी में विजन 2030 के तहत बड़े शहरी और पर्यटन प्रोजेक्ट चल रहे हैं। लंबी अवधि में कैपिटल ग्रोथ की उम्मीद है। ‘सऊदी प्रॉपर्टीज’ पोर्टल पर क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? यह पोर्टल विदेशी खरीदारों के लिए ‘वन-स्टॉप शॉप’ है, जहां वे उपलब्ध प्रॉपर्टी और निवेश के मौके ब्राउज कर सकते हैं, अपनी पात्रता चेक कर सकते हैं, मालिकाना हक के कानूनी रास्तों की जानकारी ले सकते हैं। आवेदन करने के साथ ही स्टेटस भी लाइव ट्रैक कर सकते हैं। किन-किन शहरों में विदेशी प्रॉपर्टी कर सकते हैं? मक्का, मदीना को छोड़कर पूरे सऊदी अरब के विकसित इलाकों, नियोम, रेड सी प्रोजेक्ट, दीरिया और अल-उला जैसे गीगा-प्रोजेक्ट्स में विदेशी निवेशक प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे। कौन खरीद सकता है? सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और विदेश में रहने वाले एनआरआई, दोनों आवेदन कर सकते हैं। सऊदी में रहने वाले रेजिडेंसी नंबर से सीधे आवेदन कर सकेंगे, विदेश में रहने वाले एनआरआई को पहले सऊदी दूतावास से डिजिटल आईडी लेनी होगी। क्या कंपनी के जरिए निवेश कर सकते हैं? भारतीय कंपनियां ‘इन्वेस्ट सऊदी’ प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन और नेशनल यूनिफाइड नंबर लेने के बाद आवेदन कर सकती हैं। अभी निवेश करना चाहिए? इस समय अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण रियल एस्टेट मंदी से जूझ रही है। मार्च 2025 में दुबई में आवासीय बिक्री करीब 20% गिर गई थी। ऐसे में सऊदी अरब एक नया विकल्प बनकर उभर रहा है।

Source: Click here