राष्ट्रपति के एक बयान या फैसले से शेयर बाजार तुरंत ऊपर-नीचे हो जाता है, ऐसे में उनके खातों से करोड़ों की ट्रेडिंग सामने आने के बाद यह सवाल गहरा गया है कि क्या ट्रम्प अपने राष्ट्रपति पद और फैसलों का फायदा शेयर बाजार से पैसा कमाने के लिए उठा रहे हैं? ट्रम्प के पोर्टफोलियो से जुड़ी इस बड़ी खबर के हर पहलू को 9 आसान सवाल-जवाब में जानें… सवाल 1. रिपोर्ट में ट्रम्प के ट्रेड्स को लेकर मुख्य रूप से क्या जानकारी सामने आई है? जवाब: शनिवार 22 अगस्त को जारी रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रम्प ने जून 2026 में 1,000 से ज्यादा सिक्योरिटीज ट्रेड्स किए हैं। इन सभी ट्रांजैक्शन की कुल वैल्यू 78.1 मिलियन डॉलर से 263.1 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹7000 करोड़ से ₹2,500 करोड़ के बीच रही है। सवाल 2. डिस्क्लोजर में सटीक रकम के बजाय रेंज क्यों बताई गई है? जवाब: अमेरिकी नियमों के तहत राष्ट्रपति और शीर्ष अधिकारियों को अपने वित्तीय सौदों की सटीक रकम बताने की जरूरत नहीं होती। नियम के मुताबिक ट्रांजैक्शन के लिए एक दायरा तय किया जाता है। इसलिए रिपोर्ट में न्यूनतम और अधिकतम रेंज दी गई है। सवाल 3. जून महीने का सबसे बड़ा सौदा कौन सा था? जवाब: जून में सबसे बड़ी डील 22 जून को हुई। इस दिन ट्रम्प ने वैनगार्ड ग्रुप के एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड के 5 मिलियन डॉलर से 25 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹48 करोड़ से ₹240 करोड़ के शेयर्स बेचे। सवाल 4. ट्रम्प ने जून में किन प्रमुख कंपनियों के शेयर्स खरीदे या बेचे? जवाब: ट्रम्प के पोर्टफोलियो में ये प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं: सवाल 5. क्या इन ट्रेड्स का अमेरिका की जियोपॉलिटिकल घटनाओं से कोई कनेक्शन दिखा? जवाब: 14 जून को अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की सहमति बनने के ठीक बाद, ट्रम्प के खाते से 23 और 24 जून को बाजार में नई खरीदारी की गई। इससे पहले भी बाजार की हलचलों के दौरान ट्रम्प के पोर्टफोलियो में ऐसी एक्टिविटी देखी गई है। सवाल 6. क्या ट्रम्प ने पहली बार इतने बड़े पैमाने पर शेयर खरीदे-बेचे हैं? जवाब: नहीं, 2025 में ट्रम्प ने कुल 21 हजार से ज्यादा ट्रेड्स किए थे। 2025 में उनके ट्रेड्स की कुल वैल्यू 600 मिलियन डॉलर से 1.86 बिलियन डॉलर करीब ₹6 हजार करोड़ से ₹18 हजार करोड़ के बीच थी। सवाल 7. पद पर रहते हुए ट्रम्प के शेयर बाजार में ट्रेड करने पर क्या सवाल उठ रहे हैं? जवाब: आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के एक फैसले से शेयर बाजार ऊपर-नीचे हो जाता है, ऐसे में उनके खातों से ट्रेडिंग होना गलत है क्योंकि वे अपने फैसलों का फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प का कहना है कि ये पैसे ‘ब्लाइंड ट्रस्ट’ में हैं। ‘ब्लाइंड ट्रस्ट’ का मतलब एक ऐसा सिस्टम है, जहां राष्ट्रपति अपना पैसा किसी स्वतंत्र मैनेजर को सौंप देते हैं और उन्हें खुद खबर नहीं होती कि उनका पैसा कब, किस शेयर में लगाया या निकाला जा रहा है। सवाल 8. इस विवाद पर व्हाइट हाउस का आधिकारिक बयान क्या है? जवाब: व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंगले ने कहा: ट्रम्प का सारा पैसा ऐसे खातों में है जिन्हें वे खुद नहीं चलाते। यह काम एक कंप्यूटर सिस्टम करता है, जो ‘श्वाब 1000’ जैसे बड़े बाजार इंडेक्स की नकल करता है। यानी जैसे बाजार चलता है, वैसे ही अपने आप शेयर खरीदे-बेचे जाते हैं। ट्रम्प या उनका परिवार इसमें कोई दखल नहीं दे सकता और न ही कोई आदेश दे सकता है। सारे फैसले पूरी तरह से बाहरी और स्वतंत्र मैनेजर्स ही लेते हैं। सवाल 9. इस रिपोर्ट का आम निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: रिटेल निवेशकों को समझना चाहिए कि राष्ट्रपति का पोर्टफोलियो ऑटोमेटेड और इंडेक्स-बेस्ड मॉडल पर चलता है। इसलिए इसे देखकर व्यक्तिगत ट्रेडिंग फैसले लेने से बचना चाहिए। वहीं, अमेरिकी राजनीति में इस खुलासे से पारदर्शिता को लेकर बहस फिर तेज हो सकती है।
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