इमरजेंसी या महामारी में EPF नहीं कटेगा, सैलरी में मिलेगा:तीन महीने के लिए लागू होगा नियम, जाने सैलरी-पेंशन पर क्या असर पड़ेगा

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केंद्र सरकार ने नई कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना-2026 में खास प्रावधान जोड़ा है। इसके तहत कोई इमरजेंसी, महामारी या प्राकृतिक आपदा की स्थिति में तीन महीने के लिए कर्मचारी की सैलरी से PF नहीं कटेगा या आंशिकतौर पर कटेगा। यह आपात स्थिति कब होगी, यह सरकार तय करेगी और नोटिफिकेशन भी जारी करेगी। यह राहत पूरे देश या किसी खास राज्य/क्षेत्र के लिए लागू की जा सकती है। इस नए नियम का आपकी सैलरी, पीएफ खाते और रिटायरमेंट फंड पर क्या असर पड़ेगा, आसान सवाल-जवाब में समझिए- सवाल 1: EPF स्कीम 2026 में क्या नया प्रावधान जोड़ा गया है? जवाब: यदि देश में कोई महामारी या राष्ट्रीय आपदा आती है तो केंद्र सरकार को यह अधिकार होगा कि वह कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ योगदान को एक बार में अधिकतम तीन महीने के लिए घटा सके या टाल सके। यह राहत पूरे देश या किसी खास राज्य/क्षेत्र के लिए लागू की जा सकती है। सवाल 2. क्या इस नियम के लागू होते ही हर महीने होने वाली पीएफ कटौती कम हो जाएगी? जवाब: नहीं। यह एक इमरजेंसी पावर है, जो सरकार को जरूरत पड़ने पर फैसला लेने की अनुमति देती है। जब तक सरकार किसी आपदा या महामारी के दौरान विशेष नोटिफिकेशन जारी नहीं करती, तब तक पीएफ कटौती का सामान्य नियम (मूल वेतन का 12%) ही लागू रहेगा। सवाल 3. क्या कर्मचारी पीएफ योगदान कम करने का विकल्प खुद चुन सकते हैं? जवाब: नहीं। कर्मचारी या कंपनी अपनी तरफ से इसमें कोई बदलाव नहीं कर सकते। सामान्य परिस्थितियों में स्टैंडर्ड 12% योगदान (या अधिसूचित संस्थानों में 10%) देना अनिवार्य रहेगा। सवाल 4. सरकार ने यह प्रावधान क्यों जोड़ा, क्या पहले ऐसा नहीं होता था? जवाब: सरकार ने संकट के समय कर्मचारियों और कंपनियों को तुरंत वित्तीय राहत देने के लिए यह स्पष्ट कानूनी ढांचा बनाया है। इससे पहले, कोविड-19 महामारी के समय मई, जून और जुलाई 2020 के लिए पीएफ योगदान की दर को 12% से घटाकर 10% किया गया था, ताकि लोगों के हाथ में नकदी बढ़ सके। अब नए नियम में इसे स्थायी इमरजेंसी टूल के रूप में शामिल किया गया है। सवाल 5. अगर सरकार पीएफ कटौती घटाती है तो इन-हैंड सैलरी पर क्या असर पड़ेगा? जवाब: यदि कर्मचारी का पीएफ योगदान घटता है, तो उसकी मंथली टेक-होम सैलरी बढ़ जाएगी। सवाल 6. क्या टेक-होम सैलरी बढ़ने का कोई नुकसान भी है? जवाब: हां, इसका असर आपके रिटायरमेंट फंड पर पड़ेगा। जितने कम पैसे आपके पीएफ खाते में जमा होंगे, उतना ही कम चक्रवृद्वि ब्याज आपको मिलेगा। टेक-होम सैलरी का तात्कालिक फायदा आपके रिटायरमेंट फंड को थोड़ा कम कर सकता है। सवाल 7: योगदान ‘कम करने’ और ‘टालने’ में क्या फर्क है? जवाब: दोनों में बड़ा अंतर है: सवाल 8. क्या सरकार जब चाहे सामान्य दिनों में भी पीएफ दरें बदल सकती है? जवाब: नहीं। नियम स्पष्ट करते हैं कि इस शक्ति का प्रयोग केवल महामारी, एंडेमिक या राष्ट्रीय आपदा जैसे असाधारण हालातों में ही किया जा सकता है। सवाल 9: जो कर्मचारी वॉलेंटरी PF के तहत योगदान देते हैं, उन पर क्या असर होगा? जवाब: वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड (VPF) का नियम अलग है। ऐच्छिक योगदान पर यह इमरजेंसी कटौती खुद-ब-खुद लागू नहीं होगी। इमरजेंसी नियम का असर मुख्य रूप से वैधानिक अनिवार्य (12%) योगदान पर पड़ेगा। VPF वाले कर्मचारियों का अतिरिक्त योगदान सरकारी आदेश के अनुसार ही तय होगा। नॉलेज पार्ट: जानिए क्या है EPF और VPF में अंतर ——————————————————– बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ₹2000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर 0.4% चार्ज:15 अक्टूबर से यह कारोबारियों से लिया जाएगा, अभी 4 साल में सरकार ने ₹8276 करोड़ खर्चा उठाया UPI से ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4% चार्ज लगेगा। फीस की मैक्सिमम लिमिट 300 रुपए तक की गई है। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनेसमैन से लिया जाएगा। हालांकि ₹2,000 तक पेमेंट करने पर ग्राहक और बिजनेसमैन दोनों से किसी तरह की फीस नहीं ली जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…

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