त्योहारों के सीजन में अगर आप फ्लाइट से घर जाने या ट्रेवल करने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि सरकार फेस्टिव सीजन के दौरान हवाई किरायों पर कोई ऊपरी सीमा या कैप नहीं लगाएगी। हालांकि, सरकार एयरलाइंस कंपनियों को टिकट के दाम वाजिब और कंट्रोल में रखने की सलाह जरूर देगी। जानिए, हवाई किरायों, एयरलाइंस के खर्च और टिकटों की कीमतों पर सरकार के इस फैसले से जुड़े हर जरूरी सवाल का जवाब… सवाल 1: क्या सरकार त्योहारों के सीजन में हवाई किरायों पर कोई कैपिंग लगाने जा रही है? जवाब: नहीं, सरकार त्योहारों के दौरान एयरफेयर पर किसी भी तरह की कैपिंग यानी ऊपरी सीमा नहीं लगाएगी। सिविल एविएशन मिनिस्टर राममोहन नायडू ने कहा कि सरकार किराए की सीमा तय करने के बजाय एयरलाइंस कंपनियों को कीमतें वाजिब और कंट्रोल में रखने की सलाह देगी। सवाल 2: अगर सरकार किराए तय नहीं करेगी, तो फिर फेस्टिव सीजन में यात्रियों को राहत कैसे मिलेगी? जवाब: मंत्री के मुताबिक, सरकार लगातार एयरलाइंस कंपनियों के साथ संपर्क में रहती है और उनके साथ रेगुलर बैठकें की जाती हैं। बैठकों में कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि त्योहारों के मौकों पर किरायों को रीजनेबल लेवल पर रखा जाए, ताकि त्योहारों पर सफर करने वाले आम यात्रियों को सीधा फायदा मिल सके। सवाल 3: त्योहारों के समय उड़ानों के टिकट इतने महंगे क्यों हो जाते हैं? जवाब: फेस्टिवल सीजन में अचानक डिमांड बढ़ जाती है। एयरलाइंस कंपनियां डायनेमिक प्राइजिंग मॉडल पर काम करती हैं, जिससे सीटें तेजी से भरने पर किराया अपने आप बढ़ता है। इसके अलावा इस बार वेस्ट एशिया में चल रहे संकट की वजह से भी एयरलाइंस की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। सवाल 4: वेस्ट एशिया संकट का हवाई किराए और ATF पर क्या असर पड़ रहा है? जवाब: वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एयर क्रूड और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। मंत्री नायडू के अनुसार, किरायों में बढ़ोतरी सिर्फ फेस्टिव सीजन की वजह से नहीं है, बल्कि ग्लोबल संकट भी इसका एक प्रमुख कारण है। सवाल 5: किसी भी एयरलाइंस के कुल खर्च में फ्यूल का कितना हिस्सा होता है? जवाब: राममोहन नायडू के अनुसार, एयरलाइंस के कुल फेयर यानी टिकट की लागत का 40% से 43% हिस्सा सिर्फ ATF यानी फ्यूल का होता है। यही वजह है कि जेट फ्यूल की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी होते ही टिकट के दाम सीधे बढ़ जाते हैं। सवाल 6: क्या पहले भी त्योहारों के मौकों पर सरकार ने किरायों को लेकर एयरलाइंस के साथ हस्तक्षेप किया है? जवाब: हां, मंत्री नायडू ने बताया कि पहले भी जब भी त्योहारों या प्रमुख राष्ट्रीय आयोजनों का समय आया है, सरकार ने एयरलाइंस के साथ बैठकें करके प्राइज सिचुएशन को संभाला है और कंपनियों को मनमाना किराया वसूलने से रोका है। सवाल 7: यह पूरी बातचीत किस मौके पर हुई और सरकार की एविएशन सेक्टर को लेकर क्या तैयारियां हैं? जवाब: सिविल एविएशन मिनिस्ट्री उड़ान योजना के अगले फेज के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर करने के कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी कार्यक्रम में बातचीत करते हुए उन्होंने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने और किरायों को संतुलित रखने पर विचार व्यक्त किए। सवाल 8: आम यात्रियों के लिए अब आगे क्या ऑप्शन है और उन्हें टिकट बुक करते समय क्या ध्यान रखना चाहिए? जवाब: चूंकि सरकार किरायों पर आधिकारिक कैप नहीं लगा रही है, इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे त्योहारों के दौरान अचानक होने वाली प्राइज हाइक से बचने के लिए अपनी यात्रा की बुकिंग अंतिम समय के बजाय एडवांस में ही करा लें। जानें क्या होता है प्राइज कैपिंग और डायनेमिक प्राइजिंग? रीडर टिप्स: त्योहारों में सस्ते एयर टिकट कैसे बुक करें? ये खबर भी पढ़ें… TRAI का टेलीकॉम कंपनियों को आदेश: लो-इनकम वाले यूजर्स के लिए कम वैलिडिटी के वॉइस और SMS रिचार्ज प्लान लाएं लीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने कंपनियों को आदेश दिया है कि वह कम इनकम वाले यूजर्स के लिए छोटी वैलिडिटी के वॉइस और SMS रिचार्ज प्लान लाएं। पूरी खबर पढ़ें…
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