जियो-प्लेटफॉर्म्स 21 अक्टूबर को भारत का सबसे बड़ा IPO लाएगी:कंपनी ₹37.7 हजार करोड़ जुटाएगी, हुंडई का रिकॉर्ड टूटेगा

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रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स 21 अक्टूबर को IPO लॉन्च कर सकती है। रॉयटर्स के अनुसार, इस IPO के जरिए कंपनी लगभग 37,700 करोड़ रुपए जुटाएगी। यह देश में अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा। इससे पहले 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,858 करोड़ रुपए का IPO देश का सबसे बड़ा IPO था। 20 साल में रिलायंस ग्रुप का पहला IPO यह पिछले लगभग दो दशकों में रिलायंस ग्रुप की किसी कंपनी का पहला IPO होगा। साथ ही यह रिलायंस ग्रुप के कंज्यूमर-फेसिंग बिजनेस की पहली लिस्टिंग होगी। इससे पहले 19 जून को हुई रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग में रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) को मंजूरी मिलने की जानकारी दी थी। IPO से जुटाया पूरा पैसा कंपनी के पास जाएगा जियो प्लेटफॉर्म्स का यह पब्लिक इश्यू पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा। इसमें कोई भी मौजूदा शेयरधारक अपना हिस्सा नहीं बेचेगा। यानी आईपीओ से जुटाई गई पूरी रकम सीधे कंपनी के पास जाएगी। रिलायंस जियो ₹27,500 करोड़ का कर्ज चुकाएगी कंपनी के DRHP के अनुसार जुटाई गई रकम में से करीब ₹27,500 करोड़ का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज को चुकाने के लिए किया जाएगा। बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कामकाज के लिए होगा, जो कुल इश्यू साइज के अधिकतम 25% तक सीमित रहेगा। जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है जियो प्लेटफॉर्म्स इस समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। FY26 के अंत तक कंपनी का कुल सब्सक्राइबर बेस 52.44 करोड़ था। एक साल पहले FY25 में यह 48.82 करोड़ था। रिलायंस की टेक कंपनी है जियो प्लेटफॉर्म्स अंबानी ने कहा, “जियो की यह लिस्टिंग पूरी दुनिया को दिखाएगी कि भारत वैश्विक स्तर, वैश्विक क्षमता और वैश्विक वैल्यू वाली टेक्नोलॉजी कंपनियां बना सकता है।” दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस की ही टेक कंपनी है, जिसका हेडक्वार्टर मुंबई में है। भारत में सबसे बड़ा मोबाइल नेटवर्क चलाने के साथ-साथ यह कंपनी दुनिया की दूसरी टेलीकॉम कंपनियों को भी एडवांस 5G सर्विस और तकनीक देती है। इसके पास 5G से जुड़े सभी जरूरी सॉफ्टवेयर, नेटवर्क सर्विसेज और एआई (AI) टूल्स मौजूद हैं। इस तकनीक की मदद से बड़ी कंपनियों और प्राइवेट नेटवर्क्स के लिए 5G का इस्तेमाल करना बेहद आसान हो जाता है, जिसे इंटरनेट क्लाउड पर भी चलाया जा सकता है।

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