CM का बड़ा एक्शन… इंदौर निगम कमिश्नर को नोटिस, अपर आयुक्त हटाए

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इंदौर में दूषित पानी की समस्या ने नागरिकों के बीच हाहाकार मचा दिया है। हाल ही में, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पानी के गुणवत्ता संबंधी गंभीर समस्याएं सामने आईं, जिससे लोगों को न केवल स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं हुईं, बल्कि दैनिक जीवन भी प्रभावित हुआ। इस संकट को देखते हुए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है।

मुख्यमंत्री ने इंदौर नगर निगम और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के कई अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह कदम उन नागरिकों की चिंताओं को सुनने और समस्या का समाधान करने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे तुरंत स्थिति का आकलन करें और दूषित पानी की समस्या को हल करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई दिनों से उन्हें गंदा और कीटाणु युक्त पानी मिल रहा था, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया था। पानी में प्रदूषण के कारण, कई लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जैसे कि दस्त, उल्टी और अन्य जल जनित रोग। इस स्थिति ने न केवल लोगों की दैनिक दिनचर्या को बाधित किया है, बल्कि स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव बढ़ा दिया है।

मुख्यमंत्री के आदेश के बाद, नगर निगम और पीएचई विभाग के अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने शहर के विभिन्न जल स्रोतों का निरीक्षण करने और जल शोधन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, अधिकारियों ने नागरिकों को सूचित किया है कि वे किसी भी समस्या के बारे में तुरंत रिपोर्ट करें ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य शहरों में भी जल गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ऐसे में, सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। नागरिकों को स्वच्छ और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि जल वितरण प्रणाली में सुधार और जल शोधन की प्रक्रिया को सही तरीके से लागू किया जाए।

इस प्रकार, इंदौर में दूषित पानी की समस्या ने न केवल स्थानीय प्रशासन को चुनौती दी है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है जिसे गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव का त्वरित कदम इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि समस्या का समाधान शीघ्र ही किया जाएगा।

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