# ICICI बैंक की तीसरी तिमाही के परिणाम: मुनाफे में कमी लेकिन ब्याज आय में वृद्धि
मुख्य बिंदु
# ICICI बैंक की तीसरी तिमाही के परिणाम: मुनाफे में कमी लेकिन ब्याज आय में वृद्धि
ICICI बैंक, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा प्राइवेट बैंक है, ने अपने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के परिणामों की घोषणा की है। 17 जनवरी, शनिवार को जारी की गई इस रिपोर्ट में बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 4% की गिरावट दर्ज की गई है, जो अब 11,318 करोड़ रुपए है। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने 11,792 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। यह गिरावट बाजार के पूर्वानुमानों से अधिक है, जहां विशेषज्ञों ने मुनाफा 12,300 करोड़ रुपए के आसपास रहने की उम्मीद जताई थी।
विस्तृत जानकारी
## ब्याज आय में वृद्धि: NII में 7.7% का उछाल
हालांकि, ICICI बैंक के लिए एक सकारात्मक संकेत यह है कि उनकी ब्याज से होने वाली आय, जिसे नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहा जाता है, में 7.7% की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा 21,932.2 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 20,371 करोड़ रुपए था। इसके साथ ही, बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 4.3% पर स्थिर बना हुआ है, जो बैंक की वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
## संदीप बख्शी की फिर से नियुक्ति
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
बैंक के बोर्ड ने संदीप बख्शी को दोबारा मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उनका नया कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 3 अक्टूबर 2028 तक चलेगा। हालांकि, इस नियुक्ति के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी मिलना अभी बाकी है। बख्शी 2018 से बैंक की कमान संभाल रहे हैं, और उनकी पुनर्नियुक्ति से बैंक में स्थिरता का संकेत मिलता है।
## एसेट क्वालिटी में सुधार
ICICI बैंक के लिए एक राहत की बात यह है कि उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घटकर 1.53% हो गया है, जो पिछली तिमाही (Q2 FY26) में 1.58% था। इसी तरह, नेट NPA भी 0.39% से घटकर 0.37% रह गया है। बैंक का कहना है कि लोन रिकवरी और बेहतर प्रबंधन के कारण एसेट क्वालिटी में यह मजबूती आई है।
## प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी का प्रभाव
ICICI बैंक के मुनाफे में गिरावट की एक मुख्य वजह प्रोविजनिंग में बढ़ोतरी मानी जा रही है। RBI के सख्त नियमों और लोन पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए बैंक ने इस तिमाही में अधिक फंड अलग रखा है। इसके बावजूद, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर 6% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो बैंक की समग्र वित्तीय स्थिति को दिखाता है।
## अन्य बैंकिंग कंपनियों के परिणाम
इसी दिन, बैंकिंग सेक्टर के अन्य दो बड़े खिलाड़ियों, HDFC बैंक और यस बैंक, ने भी अपने नतीजे जारी किए। HDFC बैंक का नेट प्रॉफिट 11% बढ़कर 18,654 करोड़ रुपए रहा, जबकि यस बैंक के मुनाफे में 55% का जबरदस्त उछाल आया और यह 952 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। इन नतीजों का असर सोमवार को शेयर बाजार की चाल पर देखने को मिल सकता है।
## विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ICICI बैंक के नेट प्रॉफिट में मामूली कमी आई है, लेकिन बैंक के कोर बिजनेस (NII) और एसेट क्वालिटी में मजबूती बनी हुई है। संदीप बख्शी का कार्यकाल बढ़ना बैंक में स्थिरता का संकेत है, जो निवेशकों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
ICICI बैंक के तिमाही परिणामों ने वित्तीय बाजार में चर्चा का विषय बना दिया है, और आने वाले दिनों में इसके परिणामों का असर शेयर बाजार पर देखने को मिल सकता है।
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