पेटीएम का मुनाफा तीसरी तिमाही में ₹225 करोड़ रहा:कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़ा, अच्छे रिजल्ट के बाद भी शेयर 3% गिरा

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पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर 225 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 208 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 20% बढ़कर ₹2,194 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,828 करोड़ रुपए रहा था। हालांकि, इन मजबूत नतीजों के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी के प्रति सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर दिखा और आज इसके शेयर करीब 3% तक फिसल गए। पेटीएम ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के दौरान कंपनी की ऑपरेशनल इनकम में अच्छी ग्रोथ रही है। कंपनी का कहना है कि पेमेंट बिजनेस और फाइनेंशियल सर्विसेज के विस्तार के कारण रेवेन्यू में यह बढ़त देखने को मिली है। पेटीएम का शेयर आज ₹1130 पर बंद हुआ पेटीएम का शेयर आज (30 जनवरी) 3.26% की गिरावट के साथ 1,130 के स्तर पर बंद हुआ। बीते 5 दिन में यह 13.30% और इस साल अब तक 12% गिरा है। पिछले एक महीने में पेटीएम का शेयर 13% गिरा है। वहीं कंपनी के शेयर ने 6 महीने में 6% और एक साल में 46% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप
72.53 हजार करोड़ रुपए है। अच्छे रिजल्ट के बाद शेयर क्यों गिरे? नतीजे उम्मीद से बेहतर रहने के बावजूद शेयर बाजार में पेटीएम के स्टॉक में बिकवाली देखी गई। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से शेयरों में जो तेजी थी, उसके बाद निवेशकों ने ‘प्रॉफिट बुकिंग’ (मुनाफा वसूली) की है। सुबह कारोबार शुरू होते ही शेयर लाल निशान पर खुले और एक समय पर यह 5% नीचे ट्रेड कर रहे थे। बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी शायद इस तिमाही में ब्रेक-ईवन (नो लॉस, नो प्रॉफिट) के करीब पहुंच जाएगी, लेकिन लॉस जारी रहने से निवेशकों ने सावधानी बरती। कुल ट्रांजैक्शन की वैल्यू 40% बढ़ी कंपनी के लिए सबसे राहत की बात इसका प्लेटफॉर्म यूसेज बढ़ाना है। पेटीएम के जरिए होने वाले कुल ट्रांजैक्शन की वैल्यू यानी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में सालाना आधार पर 40% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई है। मर्चेंट सब्सक्रिप्शन की संख्या भी अब 1 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई है। कंपनी का फोकस अब साउंडबॉक्स और कार्ड मशीनों जैसे डिवाइसेज से रेवेन्यू जेनरेट करने पर है। लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में सुस्ती RBI के अनसिक्योर्ड लोन (बिना गारंटी वाले कर्ज) पर सख्ती के बाद पेटीएम के लोन डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में थोड़ी सुस्ती देखी गई है। कंपनी का दावा है कि वे हाई-क्वालिटी लोन्स पर फोकस कर रहे हैं। हालांकि, पिछली कुछ तिमाहियों के मुकाबले लोन ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। मैनेजमेंट ने कहा कि वे अब पोस्टपेड लोन के बजाय पर्सनल लोन और मर्चेंट लोन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। पेटीएम को लेकर एनालिस्ट्स की राय पेटीएम के भविष्य को लेकर मार्केट एनालिस्ट्स की राय बंटी हुई है। गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन जैसे ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी के रेवेन्यू ग्रोथ की तारीफ की है, लेकिन रेगुलेटरी चुनौतियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी अगली दो तिमाहियों में अपने घाटे को और कम कर लेती है, तो शेयर में फिर से रिकवरी देखी जा सकती है। 2009 में हुई थी पेटीएम की शुरुआत पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने अगस्त 2009 में पेटीएम पेमेंट ऐप को लॉन्च किया था। इसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा है। अभी देश में पेटीएम के 54 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं। ये खबर भी पढ़ें… सेंसेक्स 296 अंक गिरकर 82,269 पर आया: निफ्टी में 98 अंकों की गिरावट; मेटल और आईटी शेयरों में बिकवाली, FMCG में खरीदारी बजट से दो दिन पहले आज 30 जनवरी को शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 296 अंक (0.36%) गिरकर 82,269 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 98 अंक (0.39%) की गिरावट रही, ये 25,320 पर बंद हुआ। मेटल शेयर सबसे ज्यादा टूटे हैं। FMCG में खरीदारी रही। निफ्टी बैंक इंडेक्स पर भी दबाव रहा। ये 347अंक (0.58%) गिरकर 59,610 के लेवल पर आ गया है। वहीं एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी में अभी और तेजी की गुंजाइश है और यह ऊपर में 25,600 के लेवल तक जा सकता है। 25,450 पहला लेवल है जिस पर नजर रखनी होगी। ये खबर भी पढ़ें…

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