संभल में माघ माह की 24 कोसीय परिक्रमा संपन्न:कोहरे-शीतलहर में भक्तों ने वंशगोपाल से की शुरूआत, कई तीर्थों के दर्शन किए

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# संभल में अंग्रेजी नववर्ष और माघ मास की 24 कोसीय मासिक परिक्रमा का आयोजन

मुख्य बिंदु

# संभल में अंग्रेजी नववर्ष और माघ मास की 24 कोसीय मासिक परिक्रमा का आयोजन

## भारी उत्साह के साथ परिक्रमा में शामिल हुए श्रद्धालु

विस्तृत जानकारी

संभल: अंग्रेजी नववर्ष और माघ मास के अवसर पर 24 कोसीय मासिक परिक्रमा का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बावजूद, भक्तों की बड़ी संख्या ने इस परिक्रमा में हिस्सा लिया। इस धार्मिक आयोजन ने एक बार फिर दिखा दिया कि आस्था और भक्ति की कोई सीमा नहीं होती।

## परिक्रमा की शुरुआत

यह परिक्रमा रविवार सुबह 7 बजे वंशगोपाल तीर्थ से शुरू हुई। धार्मिक आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं ने अपने-अपने परिवारों और मित्रों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। पंडित विनीत शर्मा, उमेश शर्मा और रामगोपाल शर्मा ने विधि-विधान से आरती और पूजा संपन्न कराई। स्वामी भगवद् प्रिय और समिति अध्यक्ष राजकुमार शर्मा ने भगवा ध्वज दिखाकर परिक्रमा का शुभारंभ किया।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

## भक्ति का अद्भुत नजारा

परिक्रमा भुवनेश्वर तीर्थ पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने रुद्राष्टकम का सामूहिक पाठ किया। इसके बाद, फिरोजपुर स्थित चामुंडा मंदिर से होते हुए क्षेमनाथ समाधि नैमिषारण्य तीर्थ तक का सफर किया। इस दौरान, बरेली से मानस सेवा समिति के डॉ. बृजेश यादव ने बाल योगी दीनानाथ के साथ मिलकर संगीतमय परिक्रमा का नेतृत्व किया।

### भजनों की गूंज

परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु “जय राम जय जय राम, जय कृष्ण हरे जय राम हरे, अब आ जाओ कल्कि रूप धरे” जैसे भजनों पर झूमते और नाचते नजर आए। महिलाओं का एक समूह ट्रैक्टर-ट्रॉली में संकीर्तन करते हुए चल रहा था। चामुंडा मंदिर बिचौली और भवानीपुर शिव मंदिर पर सामूहिक भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

## चंद्रेश्वर तीर्थ पर जलाभिषेक

चंद्रेश्वर तीर्थ पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और महाआरती की। इस अवसर पर डॉ. बृजेश यादव और बाल योगी दीनानाथ ने सनातन समाज से संभल के प्राचीन तीर्थों से जुड़ने का आह्वान किया।

## परिक्रमा का समापन

परिक्रमा का समापन पुनः वंशगोपाल तीर्थ पर हुआ, जहां भगवान शिव और भगवान विष्णु की सामूहिक आरती की गई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ाया, बल्कि समर्पण और भक्ति की भावना को भी मजबूत किया।

## श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भुवनेश्वर तीर्थ, भवानीपुर मंदिर, क्षेमनाथ तीर्थ और बिचौली में चाय, नाश्ता और गन्ने के रस की खीर की व्यवस्था की गई थी। इस धार्मिक आयोजन में बीजेपी जिलाध्यक्ष चौधरी हरेंद्र सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परिक्रमा को सफल बनाया।

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संभल में आयोजित 24 कोसीय मासिक परिक्रमा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि धार्मिक उत्सवों का महत्व केवल आस्था में नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने में भी है। इस प्रकार के आयोजन न केवल भक्ति को बढ़ावा देते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं।

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