शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों ने ₹22,530 करोड़ निकाले:जनवरी के पहले 15 दिन में बिकवाली; मार्केट की हाई वैल्यूएशन और कमजोर रुपया इसका कारण

Spread the love

# विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला: भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव

मुख्य बिंदु

# विदेशी निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला: भारतीय शेयर बाजार पर प्रभाव

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का सिलसिला नए वर्ष में भी जारी है। जनवरी के पहले 15 दिनों में, विदेशी निवेशकों ने घरेलू बाजार से ₹22,530 करोड़ के शेयर बेचे हैं। पिछले सप्ताह, केवल चार कारोबारी सत्रों में, इन निवेशकों ने ₹14,266 करोड़ की बिक्री की। छुट्टी के कारण पिछले सप्ताह का कारोबार छोटा था, लेकिन बिकवाली की गति फिर भी तेज बनी रही।

विस्तृत जानकारी

## वैश्विक तनाव और ऊंची वैल्यूएशन का असर

मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और भारत में शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन के कारण विदेशी निवेशक अपने पैसे निकाल रहे हैं। बड़े आईटी कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजे अपेक्षा से बेहतर रहे हैं, फिर भी बाजार में तेजी नहीं लौट पा रही है। रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा के अनुसार, टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव आईटी कंपनियों के अच्छे नतीजों पर भारी पड़ रहे हैं।

### निवेशकों की चिंताएं

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

निवेशकों को चिंता है कि आने वाले समय में वैश्विक व्यापार नीति कैसे विकसित होगी, इसलिए वे मुनाफावसूली कर रहे हैं। पिछले वर्ष 2025 में विदेशी निवेशकों ने ₹1.66 लाख करोड़ की रिकॉर्ड बिकवाली की थी। दिसंबर 2025 में, उन्होंने ₹22,611 करोड़ के शेयर बेचे थे। पूरे साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से कुल ₹1,66,286 करोड़ की निकासी की, जिससे बाजार पर बड़ा दबाव बना है।

## सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव

इस बिकवाली के परिणामस्वरूप, पिछले कुछ महीनों में सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखा गया है। मार्केट विशेषज्ञ वी के विजयकुमार ने विदेशी निवेशकों के इस व्यवहार के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं।

### मौजूदा बाजार माहौल

रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा ने निवेशकों को सलाह दी है कि इस समय बाजार का माहौल मिला-जुला है। वैश्विक और घरेलू दोनों मोर्चों पर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को ज्यादा उधार लेकर या बड़े दांव लगाने से बचना चाहिए।

## निवेश के लिए सुरक्षित क्षेत्र

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि इस समय केवल अच्छी गुणवत्ता वाले ‘लार्ज-कैप’ और बड़े ‘मिडकैप’ शेयरों पर ध्यान देना चाहिए। खासकर उन सेक्टर्स में निवेश करना सुरक्षित हो सकता है, जहां संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, जैसे- आईटी (IT), मेटल्स, और चुनिंदा पीएसयू (PSU) कंपनियां।

###

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली का यह सिलसिला न केवल निवेशकों के लिए चिंता का विषय है, बल्कि यह बाजार की स्थिरता को भी प्रभावित कर रहा है। निवेशकों को चाहिए कि वे सतर्क रहें और बाजार की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुए अपने निवेश निर्णय लें। वैश्विक और घरेलू अनिश्चितताओं के बीच, सही रणनीति अपनाना महत्वपूर्ण है ताकि दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित किया जा सके।

Source: Click here