सोमवार, 19 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों के बीच, घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई (BSE) सेंसेक्स लगभग 600 अंक गिरकर 82,950 के स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 200 अंकों से ज्यादा टूटकर 25,500 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
मुख्य बिंदु
सोमवार, 19 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिल रहे नकारात्मक संकेतों के बीच, घरेलू बाजार के दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में खुले। शुरुआती कारोबार में बीएसई (BSE) सेंसेक्स लगभग 600 अंक गिरकर 82,950 के स्तर के करीब पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 200 अंकों से ज्यादा टूटकर 25,500 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
गिफ्ट निफ्टी में सुबह से ही 150 से ज्यादा अंकों की गिरावट देखी जा रही थी, जिसका असर दलाल स्ट्रीट पर भी स्पष्ट था। इस गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान है, जिसमें उन्होंने यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, रिलायंस और ICICI बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली से भी निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 14 में तेजी और 16 में गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस और ICICI बैंक के शेयर में 3% तक की गिरावट आई है, जबकि इंडिगो, टेक महिंद्रा और HUL के शेयर में 4% तक की तेजी देखी गई।
विस्तृत जानकारी
NSE के IT, मीडिया, रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 2% तक की गिरावट देखने को मिल रही है। इस गिरावट के कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
ट्रम्प की टैरिफ वाली धमकी से वैश्विक बाजार में गिरावट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश उनकी योजनाओं का विरोध करेंगे, उन पर भारी आयात शुल्क लगाया जाएगा। इस बयान के बाद अमेरिका से लेकर एशिया तक के बाजारों में डर का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बनती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और भी अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
रिलायंस और ICICI बैंक के शेयरों में दबाव: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के तीसरी तिमाही के नतीजे आने के बाद इसके शेयरों में गिरावट देखी जा रही है। हालांकि, रिलायंस का मुनाफा उम्मीद के मुताबिक रहा है, लेकिन मार्जिन में हल्की कमी आने से निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी। ICICI बैंक के नतीजे भी इन-लाइन रहे, फिर भी शुरुआती कारोबार में इसके शेयर करीब 3% तक टूट गए।
यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है
विदेशी निवेशकों का लगातार पैसा निकालना: भारतीय बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का पैसा निकालने का सिलसिला जारी है। जनवरी महीने में अब तक उन्होंने करीब 16,600 करोड़ रुपये की बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू निवेशक (DIIs) लगातार खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वैश्विक दबाव के आगे यह सपोर्ट कम नजर आ रहा है।
सोने-चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी: विश्वभर में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग बढ़ गई है। आज सुबह सोना लगभग 1.6% की बढ़त के साथ $4,670 के पार पहुंच गया, जो कि एक नया रिकॉर्ड है। चांदी की कीमतों में भी 3% से ज्यादा का उछाल देखा गया है।
आगे क्या होगा: बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे हफ्ते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों की नजर चीन के जीडीपी आंकड़ों और यूरोप के महंगाई दर (CPI) के डेटा पर है। यदि वैश्विक डेटा उम्मीद से खराब आता है, तो गिरावट बढ़ सकती है। भारत में अभी तिमाही नतीजों का सीजन चल रहा है, इसलिए चुनिंदा शेयरों में गतिविधि देखने को मिलती रहेगी। तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 25,500 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।
पिछले सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, यानी शुक्रवार (16 जनवरी) को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 187 अंक चढ़कर 83,570 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 28 अंक चढ़कर 25,694 के स्तर पर बंद हुआ था।
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