स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र:रोगों से बचना चाहते हैं तो अपने आहार को शुद्ध, संतुलित और ऋतु के अनुसार बनाए रखें

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# आहार, विहार और विचार: स्वस्थ जीवन का आधार

मुख्य बिंदु

# आहार, विहार और विचार: स्वस्थ जीवन का आधार

आधुनिक जीवन शैली में स्वास्थ्य और कल्याण एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। हमारे जीवन में आहार, विहार और विचार का विशेष महत्व है। इन तीनों का तालमेल हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है। विशेष रूप से, हमारा आहार शुद्ध, संतुलित और ऋतु के अनुसार होना चाहिए।

विस्तृत जानकारी

## शुद्ध और संतुलित आहार का महत्व

संतुलित आहार का मतलब है कि हमें सभी पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि हमारा भोजन विभिन्न प्रकार के फलों, सब्जियों, अनाज, और प्रोटीन स्रोतों से युक्त हो। हमें अपने भोजन में उन क्षेत्रीय खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए जो हमारे आस-पास प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं।

### क्षेत्रीय खाद्य पदार्थों का महत्व

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

क्षेत्रीय खाद्य पदार्थ न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं, बल्कि ये हमारे वातावरण के अनुकूल भी होते हैं। स्थानीय खाद्य पदार्थों को हमारी पीढ़ियों ने अपनाया है और ये हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए सबसे उपयुक्त होते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप उत्तर भारत में रहते हैं, तो आपको वहां के मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए।

## पारंपरिक आहार की भूमिका

पारंपरिक, स्थानीय और प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है। ये खाद्य पदार्थ न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि इनका पोषण मूल्य भी उच्च होता है। पारंपरिक आहार में विभिन्न प्रकार के अनाज, दालें, और मौसमी सब्जियाँ शामिल होती हैं, जो हमें ऊर्जा और पोषण प्रदान करती हैं।

### रोगों से बचाव के उपाय

आज हम जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र के माध्यम से जानेंगे कि रोगों से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए। स्वामी जी का मानना है कि एक स्वस्थ जीवन के लिए सही आहार का चयन करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

स्वामी जी के अनुसार, हमें अपने आहार में ताजगी और विविधता लानी चाहिए। इसके अलावा, नियमित व्यायाम और ध्यान भी हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

## स्वस्थ जीवनशैली के लिए सुझाव

1. **ताजे फलों और सब्जियों का सेवन करें**: अपने दैनिक आहार में ताजे फल और सब्जियाँ शामिल करें। ये न केवल विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं, बल्कि इनका सेवन शरीर के लिए आवश्यक फाइबर भी प्रदान करता है।

2. **पानी का सेवन बढ़ाएँ**: हाइड्रेटेड रहना महत्वपूर्ण है। दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं।

3. **नियमित व्यायाम करें**: शारीरिक गतिविधियों को अपने दिनचर्या में शामिल करें। योग, जॉगिंग, या किसी खेल में भाग लेना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

4. **मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें**: ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास करें। यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य में भी सुधार करता है।

5. **सोने का सही समय**: पर्याप्त नींद लेना भी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। कोशिश करें कि आप रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें।

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हमारे जीवन में आहार, विहार और विचार का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यह न केवल हमारे स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है, बल्कि हमें एक खुशहाल और संतुलित जीवन जीने में भी सहयोग करता है। स्वामी अवधेशानंद जी के जीवन सूत्रों को अपनाकर हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए ऊपर दिए गए फोटो पर क्लिक करें और स्वस्थ जीवन के लिए प्रेरणा प्राप्त करें।

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