समय का पालन एक साधना है। ये साधना व्यक्ति के जीवन को अनुशासित और सार्थक बनाती है। प्रकृति स्वयं समय का महत्व बताती है। रोज सूर्य समय पर उदय और अस्त होता है, चंद्रमा निश्चित समय पर निकलता है। नक्षत्र, तारागण और समस्त ब्रह्मांड काल की मर्यादा में बंधे हैं। प्रकृति में हर क्रिया समय चक्र के अनुसार चलती है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखता है। काल के प्रति आदर और संयम से ही जीवन में गति, संतुलन और सफलता प्राप्त होती है। समय का सदुपयोग करना चाहिए। आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए हम ऊचांइयों तक कैसे पहुंच सकते हैं? आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
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