10 साल से अटका NSE का IPO जल्द आएगा:मार्च अंत तक ड्राफ्ट पेपर संभव; ₹1,387 करोड़ के सेटलमेंट को सेबी की सैद्धांतिक मंजूरी

Spread the love

# NSE की को-लोकेशन मामले में सेबी की मंजूरी: IPO की राह में महत्वपूर्ण कदम

मुख्य बिंदु

# NSE की को-लोकेशन मामले में सेबी की मंजूरी: IPO की राह में महत्वपूर्ण कदम

## NSE का IPO: एक दशक की प्रतीक्षा का अंत

विस्तृत जानकारी

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के लिए एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है, जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने को-लोकेशन मामले में सेटलमेंट अर्जी को सैद्धांतिक मंजूरी दी। यह निर्णय NSE के IPO के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी बाधा को समाप्त करता है, जो पिछले लगभग एक दशक से अटकी हुई थी। सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने इस संबंध में जानकारी दी।

## सेबी की मंजूरी के बाद NSE की तैयारी

रेगुलेटरी क्लियरेंस मिलने के बाद, NSE अब मार्च के अंत तक अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को फाइल करने की योजना बना रहा है। NSE ने इस प्रक्रिया के लिए निवेश बैंकरों और लॉ फर्मों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। उम्मीद की जा रही है कि इस महीने के अंत तक सेबी की ओर से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया जाएगा, जिसके बाद सलाहकारों की औपचारिक नियुक्ति की जाएगी। NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और यह 2016 से अपने IPO के लिए प्रयास कर रहा है।

यह खबर क्यों महत्वपूर्ण है

## को-लोकेशन मामले का महत्व

NSE को अपने IPO की मंजूरी में देरी का सामना को-लोकेशन मामले की जांच के कारण करना पड़ा। पिछले साल, NSE ने इस मामले को निपटाने के लिए 1,387 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया था, जिसे सेबी ने स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, सरकार ने NSE में 2.5% हिस्सेदारी कम करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है, जिसका नोटिफिकेशन जल्द ही जारी किया जाएगा।

## IPO नियमों में बदलाव और NSE की स्थिति

2024 में सेबी द्वारा किए गए IPO नियमों में बदलाव के अनुसार, 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक वैल्यू वाली कंपनियां अब केवल 2.5% हिस्सेदारी बेचकर भी लिस्ट हो सकती हैं। यह बदलाव NSE जैसी बड़ी कंपनियों के लिए लिस्टिंग का रास्ता आसान बनाता है।

## अनलिस्टेड और ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों की मांग

NSE के IPO की संभावनाओं के चलते अनलिस्टेड और ग्रे मार्केट में इसके शेयरों की मांग बढ़ गई है। हाल के दिनों में, NSE के शेयरों की कीमत 10 से 15% तक बढ़ गई है, और अनलिस्टेड मार्केट में NSE की वैल्यूएशन लगभग 5 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है। वर्तमान में, NSE के शेयर लगभग 2,095 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक वैल्यूएशन का पता लिस्टिंग के समय ही चलेगा।

## NSE के शेयरहोल्डर्स: एक बड़ी चुनौती

NSE शेयरहोल्डर्स की संख्या के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनी है, जिसमें कुल 1,77,807 शेयरहोल्डर्स शामिल हैं। IPO के दौरान इस बड़े बेस का प्रबंधन करना और संस्थागत निवेशकों को एग्जिट का मौका देना वकीलों के लिए एक चुनौती होगी। अनलिस्टेड मार्केट वह स्थान है जहां उन कंपनियों के शेयरों का व्यापार होता है जो अभी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट नहीं हुई हैं। यहाँ निवेशक IPO से पहले शेयर खरीदकर लिस्टिंग के समय लाभ कमाने की कोशिश करते हैं।

## : NSE का IPO एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर

NSE के को-लोकेशन मामले में सेबी की मंजूरी ने भारत के वित्तीय बाजार में एक नई दिशा दी है। यह निर्णय न केवल NSE के लिए बल्कि पूरे स्टॉक मार्केट के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हो सकता है। निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा अवसर हो सकता है, और सभी की निगाहें अब NSE के IPO पर टिकी हुई हैं।

Source: Click here