अब आप अपने सोने को बैंक लॉकर की तरह ज्वेलर्स (सर्राफा व्यापारी) के पास भी जमा कर सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार अगले दो हफ्तों के में एक नई और अपडेटेड ‘गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम’ (GMS) का एलान कर सकती है। नई स्कीम में देशभर के सराफा व्यापारियों को ‘कलेक्शन पार्टनर्स’ के रूप में शामिल किया जा सकता है, जिससे वे आम लोगों से सोना जमा कर सकेंगे। इससे पहले सिर्फ बैंकों को ही सोना जमा करने की अनुमति थी। नई स्कीम से 1000 टन सोना जुटाने की उम्मीद ‘ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन’ (AIJGF) ने कहा है कि नए फ्रेमवर्क के तहत ज्वेलर्स को कलेक्शन पार्टनर बनाने से घरों में रखे सोने को इकट्ठा करने में तेजी आएगी। इससे उम्मीद है कि सरकार बाजार से 1000 टन से ज्यादा सोना जुटा सकेगी। भारत के सराफा व्यापारियों और ज्वेलरी एसोसिएशन्स ने सरकार से इस योजना के नियमों में बदलाव करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि देश में सोने की डिमांड और इस सेक्टर से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर कोई असर न पड़े, साथ ही विदेशों से होने वाला सोने का आयात भी कम हो जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने का सिर्फ 5% हिस्सा भी इस नई स्कीम में जमा होता है, तो इससे देश के बाजार में करीब 90 अरब डॉलर (लगभग 8.57 लाख करोड़ रुपए) की नकदी आ जाएगी। सरकार का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने देश के लोगों से एक साल तक सोना न खरीदने की बात कही थी। नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम से के फायदे
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