बजाज फाइनेंस के बोर्ड से राजीव बजाज इस्तीफा देंगे:चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 22% बढ़कर ₹5,465 करोड़; निवेशकों को ₹6 डिविडेंड देगी

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बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹5,465 करोड़ का शुद्ध मुनाफा यानी नेट प्रॉफिट कमाया है। पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,480 करोड़ के मुकाबले इसमें 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने अच्छे नतीजों के साथ ही यह भी जानकारी दी है कि राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह बैड लोन (फंसे हुए कर्ज) के लिए किए जाने वाले प्रोविजन में कमी आना है। विश्लेषकों ने इस तिमाही में ₹5,490 करोड़ के मुनाफे का अनुमान लगाया था, कंपनी के नतीजे लगभग उसी के आसपास रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू भी 18% बढ़कर ₹21,606 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹18,294 करोड़ था। राजीव बजाज 30 जुलाई को पद छोड़ेंगे कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि राजीव बजाज ने बोर्ड से हटने की इच्छा जताई है। वे कंपनी की अपकमिंग एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में दोबारा नियुक्ति के लिए खुद को पेश नहीं करेंगे। ऐसे में 30 जुलाई 2026 को होने वाली AGM के बाद वे नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद को छोड़ देंगे। बोर्ड ने कंपनी में उनके लंबे योगदान की सराहना की है। बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर भी हैं राजीव राजीव बजाज वर्तमान में वाहन निर्माता कंपनी बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) हैं। वे पिछले तीन दशकों से अधिक समय से बजाज ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, आरएंडडी (RD), इंजीनियरिंग और मार्केटिंग जैसे सेक्टरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राजीव ने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री और वारविक यूनिवर्सिटी से मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम्स इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। वे बजाज ग्रुप की कई अन्य कंपनियों में भी डायरेक्टर के पद पर हैं, जिनमें बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड, बजाज ऑटो क्रेडिट लिमिटेड और बजाज सेवाश्रम प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। शेयरहोल्डर्स को ₹6 का डिविडेंड मिलेगा रिजल्ट के साथ ही कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की घोषणा भी की है। इसमें ₹0.60 का स्पेशल डिविडेंड भी शामिल है, जो बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों की बिक्री से हुए फायदे के तौर पर दिया जा रहा है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 30 जून 2026 तय की गई है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयरधारकों के देती हैं, इसे डिविडेंड या लाभांश कहा जाता है। एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 21% की ग्रोथ बजाज फाइनेंस की लोन बुक यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट में शानदार बढ़त देखी गई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का AUM 21% बढ़कर ₹3,72,986 करोड़ हो गया है, जो एक साल पहले ₹3,08,832 करोड़ था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 20% बढ़कर ₹10,716 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में सुधार और MSME सेगमेंट का हाल क्या होता है AUM, प्रोविजनिंग और स्पेशल डिविडेंड ये खबर भी पढ़ें… अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा: यह ₹4,271 करोड़ रहा, रेवेन्यू भी 10% बढ़ा; नतीजों के बाद शेयर 2.5% गिरा अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% बढ़कर ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,599 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, मुनाफे में इस बड़ी बढ़त के बावजूद बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 2.48% गिरकर ₹217.80 पर बंद हुआ। पूरी खबर पढ़ें…

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