केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और त्योहारों से पहले कीमतें काबू करने के लिए बल्क कंज्यूमर्स के लिए स्टॉक लिमिट बढ़ाकर 30 दिन कर दी है। सरकार के इस कदम से मिठाइयों, बेकरी और फूड प्रोसेसिंग कंपनियों को त्योहारों के दौरान चीनी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। बल्क कंज्यूमर वे कंपनियां या औद्योगिक इकाइयां हैं, जो कच्चे माल के रूप में हर महीने 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करती हैं। अभी ये कंपनियां अपनी सिर्फ 15 दिन की जरूरत के बराबर स्टॉक रख सकती थीं। सरकार ने करोबारियों से कहा है कि लोगों को सस्ती चीनी दें। अतिरिक्त 15 दिन के स्टॉक के लिए रखनी होगी यह शर्त सरकार ने कहा है कि स्थानीय बाजार से आप 15 दिन से ज्यादा का चीनी स्टॉक नहीं रख सकते। अगर 15 दिन से ज्यादा यानी 30 दिन तक चीनी रखनी है, तो एक्स्ट्रा स्टॉक सिर्फ विदेश से मंगवाई गई यानी आयातित चीनी का ही होना चाहिए। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि देश के स्थानीय बाजार में चीनी की कोई कमी न हो और कीमतें नियंत्रण में रहें। पोर्टल पर हर शुक्रवार को देना होगा चीनी का ब्योरा चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने नया नियम बनाया है। अब चीनी का इस्तेमाल करने वाली सभी बड़ी कंपनियों को हर शुक्रवार को खाद्य मंत्रालय के पोर्टल foodstock.dfpd.gov.in पर बताना होगा कि उनके पास कितना स्टॉक बचा है। फैक्ट्री रेट 25% गिरे, रिटेल कीमत सिर्फ 10% कम हुई फैक्ट्रियों में चीनी 25% सस्ती हो गई है, लेकिन दुकानों पर इसकी कीमत सिर्फ 10% ही घटी है। अगस्त में ₹65 किलो मिलने वाली चीनी अब ₹58.50 पर आ गई है। सरकार ने दुकानदारों से कहा है कि चीनी की घटती कीमतों का पूरा फायदा ग्राहकों को तुरंत दें।
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