दुनियाभर में सकारात्मक बदलाव ला रहे दूरदर्शी लीडर्स, सूची जारी:छींटाकशी से खेल छोड़ रही थीं लड़कियां; मेघा की कोशिश से 40000 जुड़ीं

Spread the love

‘टाइम’ मैगजीन ने पहली बार‘विजनरीज’ की सूची जारी की है, जिसमें अमेरिकी बच्चों के उज्जवल भविष्य और उनकी क्षमता को निखारने के लिए काम कर रहे लीडर्स को शामिल किया है। सूची में लड़कियों के खेल अधिकारों के लिए लड़ रहीं भारतवंशी मेघा समेत शिक्षा व मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बदलाव लाने वाले 14 चेहरे शामिल हैं। जानिए, चुनिंदा लीडर्स के बारे में… मेघा रामनाथन – खेल में जेंडर असमानता दूर करने का मिशन को-एड तैराकी टीम में लड़कों की लैंगिक टिप्पणियों से परेशान साथी लड़कियां स्पोर्ट्स छोड़ने लगीं, तो मेघा ने इसे बदलने की ठानी। उन्होंने ‘Girls4Sports’ की नींव रखी, जो खेल क्षेत्र में जेंडर असमानता के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा युवा-नेतृत्व वाला संगठन है। मेघा की इस पहल से भारत समेत 23 देशों की करीब 40 हजार लड़कियां खेलों से जुड़ पाईं। सारा शेल्के – 25 हजार से ज्यादा साथियों के जरिए तनाव से जंग परिवार के एक सदस्य को डिप्रेशन से जूझते देख सारा ने मानसिक स्वास्थ्य संकट पर काम शुरू किया। उनका संगठन ‘Mind4Youth’ 71 देशों में 25 हजार से ज्यादा वॉलंटियर्स के साथ काम कर रहा है। यूनिसेफ व गूगल जैसी संस्थाओं के साथ मिलकर मदद मुहैया कराता है, ताकि युवाओं में मानसिक तनाव से जुड़े सामाजिक कलंक को खत्म किया जा सके। ब्रायन गैरेट – वंचित युवाओं को कॉरपोरेट जगत से जोड़ रहे अपनी गैर लाभकारी संस्था से वंचित समुदायों के स्कूली छात्रों को जेपी मॉर्गन और टारगेट जैसी कंपनियों में पेड इंटर्नशिप दिला रहे हैं। इनकी संस्था जेनेसिस वर्क्स 14 हजार से ज्यादा युवाओं की जिंदगी बदल चुकी है। यहां से निकले 90% छात्र कॉलेज जाते हैं और आम अमेरिकी युवाओं से बेहतर सैलरी पाते हैं। अब लक्ष्य एआई के दौर में मौके बढ़ाना है। चाड हाउसर – अपने अनूठे कैफे से बदली 1700 युवाओं की जिंदगी जेल से छूटे किशोरों के लिए अनोखा गैर-लाभकारी रेस्त्रां ‘कैफे मोमेंटम’ शुरू किया है। यहां इन्हें एक साल पेड इंटर्नशिप के साथ कुकिंग, मेंटल हेल्थ व पढ़ाई से जुड़ी मदद दी जाती है। इससे किशोरों का दोबारा अपराध से जुड़ने का ग्राफ 50% से घटकर 15% रह गया है। 1700 युवाओं की जिंदगी बदलने पर ‘ह्यूमैनिटेरियन ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से भी नवाजे गए हैं। एंजेला फेरेल – बंदूक हिंसा के खिलाफ एकजुट करने में जुटीं अमेरिका में बच्चों की मौत की सबसे बड़ी वजह बंदूक हिंसा है। इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान ‘मॉम्स डिमांड एक्शन’ चला रही हैं। इनकी कोशिशों से कोर्ट के जरिए अवैध और बिना लाइसेंस वाली ‘घोस्ट गन’ बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी बंद हुई। वे स्थानीय स्तर पर लोगों को गन के सुरक्षित रखरखाव के प्रति जागरूक भी कर रही हैं।

Source: Click here