देश में क्विक कॉमर्स तेजी से पारंपरिक ई-कॉमर्स को पीछे छोड़ रहा है। इक्विरस कैपिटल की जून 2026 कंज्यूमर सेक्टर रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिजिटल कॉमर्स बाजार 2026 में 8 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित है, जिसमें क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी 1.08 लाख करोड़ रुपए है। सबसे खास बात यह है कि क्विक कॉमर्स सालाना आधार पर 40% की दर से बढ़ रहा है, जो समूचे डिजिटल कॉमर्स की ग्रोथ रफ्तार से दोगुने से भी ज्यादा है। ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसी प्रमुख कंपनियों के डार्क स्टोर नेटवर्क में पिछले एक साल में भारी इजाफा हुआ है। मई 2025 में इन तीनों कंपनियों के मिलाकर 3,405 डार्क स्टोर थे, जो मई 2026 में बढ़कर 5,026 हो गए। यानी महज एक साल में डार्क स्टोर्स की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। यह आक्रामक विस्तार बताता है कि कंपनियां छोटे शहरों और नए इलाकों में तेजी से पैर पसार रही हैं, ताकि 10-15 मिनट में डिलीवरी का वादा पूरा किया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजन में आइसक्रीम, पेय पदार्थ (बेवरेजेज) और फेस केयर उत्पाद क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सबसे तेज ग्रोथ दिखाने वाली कैटेगरी रहीं। गर्मी के मौसम में इन उत्पादों की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है, लेकिन क्विक कॉमर्स ने इस मांग को तुरंत पूरा करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पारंपरिक रिटेल चैनलों पर दबाव बढ़ा है। कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग सुस्त पड़ने का खतरा बढ़ा हालांकि कंज्यूमर सेंटीमेंट के लिए एक चिंता की खबर भी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 4 जून से 22 जून के बीच देश में सामान्य 97.6 मिलीमीटर के मुकाबले महज 53.1 मिमी बारिश हुई। यानी 46% की भारी कमी। इससे जून 2026 पिछले 146 वर्षों में सबसे सूखे महीनों में शुमार हो गया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अल नीनो की स्थितियां और कमजोर मानसून ग्रामीण आय और मांग पर विपरीत असर डाल सकते हैं, जो एफएमसीजी खपत का एक अहम आधार है। क्विक कॉमर्स – एक नजर में ग्रोथ
मुख्य बिंदु
देश में क्विक कॉमर्स तेजी से पारंपरिक ई-कॉमर्स को पीछे छोड़ रहा है। इक्विरस कैपिटल की जून 2026 कंज्यूमर सेक्टर रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिजिटल कॉमर्स बाजार 2026 में 8 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित है, जिसमें क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी 1.08 लाख करोड़ रुपए है। सबसे खास बात यह है कि क्विक कॉमर्स सालाना आधार पर 40% की दर से बढ़ रहा है, जो समूचे डिजिटल कॉमर्स की ग्रोथ रफ्तार से दोगुने से भी ज्यादा है। ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसी प्रमुख कंपनियों के डार्क स्टोर नेटवर्क में पिछले एक साल में भारी इजाफा हुआ है। मई 2025 में इन तीनों कंपनियों के मिलाकर 3,405 डार्क स्टोर थे, जो मई 2026 में बढ़कर 5,026 हो गए। यानी महज एक साल में डार्क स्टोर्स की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। यह आक्रामक विस्तार बताता है कि कंपनियां छोटे शहरों और नए इलाकों में तेजी से पैर पसार रही हैं, ताकि 10-15 मिनट में डिलीवरी का वादा पूरा किया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजन में आइसक्रीम, पेय पदार्थ (बेवरेजेज) और फेस केयर उत्पाद क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सबसे तेज ग्रोथ दिखाने वाली कैटेगरी रहीं। गर्मी के मौसम में इन उत्पादों की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है, लेकिन क्विक कॉमर्स ने इस मांग को तुरंत पूरा करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पारंपरिक रिटेल चैनलों पर दबाव बढ़ा है। कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग सुस्त पड़ने का खतरा बढ़ा हालांकि कंज्यूमर सेंटीमेंट के लिए एक चिंता की खबर भी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 4 जून से 22 जून के बीच देश में सामान्य 97.6 मिलीमीटर के मुकाबले महज 53.1 मिमी बारिश हुई। यानी 46% की भारी कमी। इससे जून 2026 पिछले 146 वर्षों में सबसे सूखे महीनों में शुमार हो गया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अल नीनो की स्थितियां और कमजोर मानसून ग्रामीण आय और मांग पर विपरीत असर डाल सकते हैं, जो एफएमसीजी खपत का एक अहम आधार है। क्विक कॉमर्स – एक नजर में ग्रोथ
पैरामीटर मई 2025 मई 2026 वृद्धि
विस्तृत जानकारी
डार्क स्टोर्स 3,405 5,026 48%
साइज — ₹1.08* 40% साइज लाख करोड़ में, डार्क स्टोर (ब्लिंकिट + इंस्टामार्ट + जेप्टो)
Source: Click here