मेटा का पर्सनल AI एजेंट लॉन्च, खुद ईमेल भेजेगा,पेमेंट करेगा:ऑनलाइन शॉपिंग-बिजनेस प्लानिंग में भी यूजर्स की मदद करेगा म्यूज, अभी केवल अमेरिका में

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मेटा ने मंगलवार को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए पर्सनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट ‘म्यूज’ लॉन्च किया। यह रोजमर्रा के कामों जैसे शेड्यूल बनाने और खरीदारी में भी मदद करेगा। मेटा के मुताबिक, म्यूज लंबे समय के टारगेट को एक्शन प्लान में बदलने में भी मदद कर सकता है। यह अभी सिर्फ अमेरिका में उपलब्ध है। मेटा का कहना है कि इसके सेफ्टी-प्राइवेसी फीचर्स खास हैं। एजेंट सुरक्षित वर्चुअल मशीन पर चलता है, जिसमें एजेंट और यूजर का डेटा दोनों सुरक्षित रहते हैं। यूजर म्यूज के अलग एप पर या वॉट्सएप के जरिए उससे बात कर सकते हैं। यह ईमेल भेजने और यात्रा बुक करने जैसे छोटे काम कर सकता है। साथ ही, सालभर का एक्सरसाइज प्लान बनाने या नया बिजनेस शुरू करने जैसे लंबे समय के टारगेट पर भी काम कर सकता है। खबर में आगे- म्यूज मार्क जुकरबर्ग का AI विजन का हिस्सा, इससे पहले पढ़ें भास्कर इनसाइट सवालः AI चैटबॉट और AI एजेंट में क्या फर्क? जवाबः AI चैटबॉट यूजर के सवाल या निर्देश का जवाब देता है। जैसे- आप पूछते हैं, “दिल्ली से न्यूयॉर्क की सबसे सस्ती फ्लाइट कौन-सी है?” चैटबॉट आपको फ्लाइट के विकल्प और कीमतें बता देगा। इसके बाद फ्लाइट खुद चुनना और बुक करना होगा। AI एजेंट सिर्फ जानकारी नहीं देता, बल्कि यूजर की ओर से काम भी कर सकता है। जैसे- आप कहें, “मेरे लिए न्यूयॉर्क की फ्लाइट बुक करो।” एजेंट फ्लाइट के विकल्प देख सकता है, वेबसाइट खोल सकता है, फॉर्म भर सकता है और बुकिंग की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकता है। संवेदनशील काम के लिए वह यूजर की मंजूरी भी ले सकता है। म्यूज भी AI एजेंट है। यह ईमेल भेजने, ट्रैवल बुक करने, ऑनलाइन शॉपिंग और फॉर्म भरने जैसे डिजिटल काम कर सकता है। सवालः म्यूज को काम करने की परमिशन कैसे मिलती है और यह कितना सुरक्षित है? जवाबः म्यूज को ईमेल, कैलेंडर, शॉपिंग जैसी सेवाओं से जोड़ा जा सकता है। यूजर खुद तय करता है कि किस एप को कितना एक्सेस देना है। इसके लिए मेटा ने म्यूज सिक्योर वीएम बनाया है। वीएम यानी वर्चुअल मशीन, जो क्लाउड पर चलने वाले एक अलग कंप्यूटर सिस्टम की तरह होती है। इसमें यूजर का डेटा और कनेक्टेड सेवाओं के क्रेडेंशियल सुरक्षित रखे जाते हैं। म्यूज के साथ सेंटिनल नाम का अलग एजेंट काम करता है। म्यूज इंटरनेट पर कोई कार्रवाई तभी कर सकता है, जब सेंटिनल उसे मंजूरी दे। ईमेल भेजने या ऑनलाइन खरीदारी जैसे संवेदनशील कामों से पहले यूजर से भी परमिशन ली जा सकती है। सवालः क्या म्यूज को पासवर्ड और कार्ड की जानकारी दिखाई देती है? जवाबः मेटा के मुताबिक, नहीं। यूजर के पासवर्ड और पेमेंट डिटेल्स सुरक्षित स्टोरेज में रहते हैं। म्यूज उनका इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन उसे ये जानकारी दिखाई नहीं देती। यूजर म्यूज के किए गए कामों और आगे होने वाली कार्रवाइयों का ऑडिट ट्रेल भी देख सकता है। म्यूज मार्क जुकरबर्ग का AI विजन का हिस्सा मेटा का यह AI एजेंट म्यूज CEO मार्क जुकरबर्ग के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें वे AI सुपरइंटेलिजेंस को हर व्यक्ति तक पहुंचाना चाहते हैं। उन्होंने पिछले महीने ऑनलाइन पब्लिश करीब 6,500 शब्दों के एक निबंध में अपना विजन बताया था। हालांकि, आलोचकों ने इस दस्तावेज को काफी हद तक कल्पनाओं पर आधारित बताया। जुकरबर्ग के मुताबिक, मेटा ऐसे दौर की ओर बढ़ रही है, जहां हर व्यक्ति के पास नए बिजनेस शुरू करने, Ph.D. लेवल की पढ़ाई में मदद लेने और अपनी जरूरत के हिसाब से लाइफस्टाइल से जुड़ी सलाह लेने के लिए AI टूल होंगे। जुकरबर्ग ने लिखा कि आने वाले समय में हर व्यक्ति के पास एक ऐसा पर्सनल AI एजेंट होगा, जो उसे, उसके लक्ष्यों और उसकी जरूरतों को समझेगा। यह एजेंट रिश्तों, सेहत, करियर, पैसे, घर के काम और शौक जैसी चीजों में मदद करने के लिए 24 घंटे काम कर सकेगा। उनका कहना है कि ऐसा एजेंट लोगों के कई जरूरी काम संभालकर उनका समय बचाएगा। इससे लोग उन कामों पर ज्यादा समय दे सकेंगे, जिन्हें वे पसंद करते हैं और उन चीजों को हासिल कर सकेंगे, जिन्हें अकेले करना उनके लिए मुश्किल होता है। —————– ये खबर भी पढ़ें… मस्क बोले- अगले साल इंसानों से ज्यादा समझदार हो जाएगा AI, डिजिटल काम चुटकियों में करेगा, इंटरनेट और हैकिंग के लिए बनेगा बड़ा खतरा दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क का कहना है कि AI बहुत तेजी से इंसानों जैसी समझ हासिल कर रहा है। अगले साल के अंत तक यह कंप्यूटर और इंटरनेट से जुड़े कामों में इंसानों से भी आगे निकल जाएगा। मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट का जवाब देते हुए यह बात कही। पढ़ें पूरी खबर…

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