भारत का गोल्ड लोन बाजार पिछले पांच सालों में 14.85% CAGR की दर से बढ़ा है। भारतीय घरों में लगभग 27,000 टन सोना मौजूद है, लेकिन इसमें से सिर्फ 20% ही अभी तक गिरवी रखा गया है। अभी भी 65% गोल्ड लोन बाजार अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के हाथ में है। सवाल यह उठता है कि इतना सोना होते हुए भी लोग बैंक या NBFC का दरवाजा क्यों नहीं खटखटाते? जवाब आंकड़ों में नहीं, भावनाओं में है। भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं होता, यह पीढ़ियों की कमाई है, मां की विरासत है, परिवार की सुरक्षा का प्रतीक है। जब यही सोना जरूरत के समय गिरवी रखने की नौबत आती है, तो मन में एक ही आवाज गूंजती है कि लोग क्या कहेंगे? यही झिझक, यही सामाजिक डर दशकों से करोड़ों भारतीयों को अपने सोने का सही फायदा उठाने से रोकता रहा है। इसी दीवार को तोड़ने का बेड़ा मुथूट फाइनेंस गोल्ड लोन ने उठाया और माध्यम बना रेडियो। मुथूट फाइनेंस लगातार कई सालों से भारत का नंबर-1 सबसे भरोसेमंद फाइनेंशियल सर्विसेज ब्रांड है। हालांकि, नंबर-1 बने रहना काफी नहीं था। मुथूट फाइनेंस चाहता था कि गोल्ड लोन मजबूरी का साथी ना बनकर सपनों को सच करने का जरिया बने। सुनहरी सोच- एक विज्ञापन नहीं, एक आंदोलन मुथूट फाइनेंस ने रेडियो के साथ साझेदारी करके ‘सुनहरी सोच’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत लोगों की प्रेरणादायक कहानियां बताई गई हैं, जो गोल्ड लोन से जुड़ी झिझक को तोड़ती हैं। यह सिर्फ विज्ञापन नहीं था, यह उन लोगों की जिंदगी की कहानी थी, जिन्होंने अपने सपनों को सच करने के लिए घर पर रखे सोने को काम पर लगाया। इस बार MYFM ने इस अभियान को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में भागीदारी निभाई अपने बड़े लिसनर बेस के साथ, शहरों, कस्बों और गांव तक ‘सुनहरी सोच’ की आवाज पहुंचाई। MYFM के RJs ने मुथूट फाइनेंस के असली कस्टमर्स की कहानियां, अपनी बोली में, अपने अंदाज में लिसनर तक पहुंचाईं। मुथूट ग्रुप के मार्केटिंग एंड स्ट्रेटेजी के चीफ जनरल मैनेजर अभिनव अय्यर ने कहा कि गोल्ड सिर्फ एक एसेट नहीं है, बल्कि यह अवसरों का एक फाइनेंशियल जरिया है। हम चाहते हैं कि ‘सुनहरी सोच’ एक ऐसा आंदोलन बने जो करोड़ों भारतीयों की जिंदगी बदले। रेडियो क्यों? क्योंकि भरोसा वहीं से आता है डिजिटल के दौर में भी रेडियो की ताकत कम नहीं हुई, बल्कि टियर 2, टियर 3 शहरों में यह एक भरोसेमंद माध्यम है। इस पूरे अभियान की मीडिया इन्वेंट्री का बड़ा हिस्सा रेडियो पर खर्च किया गया। मुथूट फाइनेंस का इरादा है कि गोल्ड लोन को हर भारतीय का ड्रीम फंड बनाना है। भारत का गोल्ड लोन बाजार FY 2025-26 में ₹9.24 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है, जो 14% से ज्यादा की सालाना ग्रोथ को दर्शाता है। इस बढ़ते बाजार में मुथूट फाइनेंस और रेडियो की साझेदारी सिर्फ एक कैंपेन नहीं, बल्कि नए भारत की आर्थिक सोच की आवाज है।
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