लगातार सातवें हफ्ते लाल निशान में बंद होने के बाद, आज सोमवार को भी शेयर बाजार में गिरावट रही। सेंसेक्स 1124 अंक या 1.52% की गिरावट के साथ 72,772 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 360 अंक या 1.56% की गिरावट रही, ये 22,780 पर बंद हुआ। बैंकिंग, FMCG और रियल्टी शेयर्स में आज ज्यादा बिकवाली रही। बाजार में आई तेज बिकवाली से निवेशकों की वेल्थ 7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गई है। कल जब बाजार बंद हुआ था, तब BSE में लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 482 लाख करोड़ रुपए के करीब था, जो आज घटकर 475 लाख करोड़ रुपए के करीब आ गया है। वेल्थ घटने को उदाहरण से समझें… मान लीजिए राम कुमार ने शेयर बाजार में ₹10 हजार में किसी कंपनी के 10 शेयर खरीदे। बाद में बाजार में गिरावट के कारण उसके इन शेयरों की वैल्यू घटकर ₹8 हजार रह गई। लेकिन राम कुमार ने ये शेयर अभी बेचे नहीं हैं। ऐसे में उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ है, क्योंकि भविष्य में इन शेयरों के दाम बढ़ भी सकते हैं। जब तक वे इन शेयरों को बेचते नहीं हैं, तब तक यह केवल एक कागजी या अवास्तविक नुकसान है। इसी को वेल्थ घटना कहता हैं। बाजार गिरने की 3 बड़ी वजह 1. दुनिया में बढ़ता तनाव अमेरिका-ईरान में जल्द डील के आसार नहीं दिख रहे हैं, इससे तनाव बना हुआ हैं। वहीं रूस-यूक्रेन के बीच तनाव भी बढ़ने लगा है। इससे बाजार पर दबाव बना हुआ है। 2. कच्चा तेल फिर 105 डॉलर के पार दुनिया के मुख्य तेल सप्लाई रूट ‘होर्मुज को लेकर जारी विवाद से ब्रेंट क्रूड 105-106 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। अगर दोनों देशों में बातचीत से सुलह होती है तो तेल सस्ता होगा, जिससे भारत का इंपोर्ट बिल घटेगा और रुपए व शेयर बाजार को राहत मिलेगी। लेकिन अगर तनाव जारी रहा, तो कच्चे तेल की महंगाई से भारत में महंगाई का दबाव बढ़ेगा और बाजार में उथल-पुथल बनी रहेगी। 3. अमेरिका में बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगा अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ना निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। 10-साल की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.11% पर पहुंच गई है जो 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। बॉन्ड यील्ड किसी सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला सालाना रिटर्न है, जिसे कोई एक संस्था या सरकार सीधे तय नहीं करती, बल्कि यह बाजार में खरीद-बिक्री और मांग-आपूर्ति से तय होती है। जब निवेशक बॉन्ड बेचते हैं तो बॉन्ड की कीमत घटती है और यील्ड (रिटर्न) बढ़ जाती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियां और महंगाई इसे सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं। इस यील्ड के बढ़ने से डॉलर में निवेश ज्यादा आकर्षक हो जाता है, जिससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से पैसा निकालकर अमेरिका में लगाने लगते हैं। सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में बिकवाली आज से 2 IPO निवेश के लिए खुले आज से SRIT इंडिया और शेयर ब्रोकिंग फर्म शाह इन्वेस्टर्स होम का IPO ओपन हो गए हैं। SRIT इंडिया IPO के जरिए 218 करोड़ रुपए और शेयर ब्रोकिंग फर्म शाह इन्वेस्टर्स होम 90.17 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। दोनों ही IPO में 30 सितंबर तक बोली लगा सकेंगे। एशियाई बाजारों में मिला जुला कारोबार रहा अमेरिकी बाजार में 25 सितंबर को बढ़त रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 7,796 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। बीते हफ्ते बाजार करीब 1% गिरा था 25 सितंबर को खत्म हुए पूरे हफ्ते में निफ्टी 206 अंक या 0.9% टूटकर 23,141 पर बंद हुआ था। वहीं, सेंसेक्स 400 अंक या 0.5% गिरकर 73,896 पर बंद हुआ था। हालांकि शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी आई थी। ————————— बाजार से जुड़ी ये खबर भी पढ़े… शेयर बाजार में इस हफ्ते गिरावट की उम्मीद:US-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमत जैसे 8 फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा 28 सितंबर, सोमवार से शुरू हो रहे कारोबारी हफ्ते में काफी हद तक ग्लोबल संकेतों से तय होगी। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल के ऊंचे दाम और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर्स मार्केट के सेंटिमेंट को प्रभावित करेंगे। पूरी खबर पढ़े…
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