टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने शुक्रवार को डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग यानी DCR प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इससे अब इमारतों को डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग मिलेगी। इस रेटिंग के जरिए लोग किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने या किराए पर लेने से पहले वहां के मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट स्पीड और डिजिटल सुविधाओं का स्तर भी जांच सकेंगे। ट्राई के इस कदम से अब लोगों को घर या ऑफिस के अंदर कमजोर नेटवर्क और कॉल ड्रॉप जैसी परेशानियों से राहत मिल सकती है। डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग की 5 बड़ी बातें प्रॉपर्टी मैनेजर्स के लिए सिंगल इंटरफेस ट्राई के बयान के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म प्रॉपर्टी मैनेजर्स, रजिस्टर्ड डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी और ग्राहकों को एक सिंगल इंटरफेस पर लाता है। सरकारी, कमर्शियल, पब्लिक और प्राइवेट कैटेगरीज की बनी हुई और अंडर कंस्ट्रक्शन इमारतों के लिए प्रॉपर्टी मैनेजर्स अपनी संपत्तियों को रजिस्टर कर रेटिंग एप्लीकेशन का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने के लिए ट्राई की ऑफिशियल वेबसाइट- https://dcrp.trai.gov.in, https://dcrp.trai.gov.in पर जा सकते हैं। क्या है इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (IBS)? बड़ी या बहुमंजिला इमारतों, बेसमेंट और लिफ्ट जैसी जगहों पर मोबाइल टावर के सिग्नल अक्सर अंदर तक नहीं पहुंच पाते हैं। इससे निपटने के लिए इमारत के अंदर ही छोटे एंटेना और केबल्स का नेटवर्क बिछाया जाता है, जिसे इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (IBS) कहते हैं। DCR रेटिंग यह तय करेगी कि बिल्डर ने ऐसी तकनीक इमारत में इंस्टॉल की है या नहीं। ये खबर भी पढ़ें… AI एजेंट ऑस्ट्रेलिया की सरकारी वेबसाइट में घुसा: रूकावट आई तो सिक्योरिटी तोड़ने का रास्ता खुद ही बनाया; 2 महीने में हैकिंग के 4 मामले ओपनएआई के एक एआई एजेंट ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार के ‘मेडिकेयर’ डेटाबेस को हैक कर लिया। यह घटना जून में हुई थी, लेकिन सरकार को इसकी जानकारी सितंबर में मिली। इस बात पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने नाराजगी जताई है। इस घटना के बाद से पूरी दुनिया में एआई सुरक्षा और उसके नियंत्रण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पूरी खबर पढ़ें…
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