टाटा संस में चंद्रशेखरन की जगह ले सकते हैं नरेंद्रन:चेयरमैन की रेस में टाटा स्टील के MD सबसे आगे; 1988 से ग्रुप से जुड़े हैं

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टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के इस्तीफे के ऐलान के बाद नए उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने आज 13 अगस्त को एक प्रस्ताव पास कर 5 सदस्यीय सिलेक्शन कमेटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस पद की रेस में टाटा स्टील के मैनेजिंग डायरेक्टर टीवी नरेंद्रन का नाम सबसे आगे है। नरेंद्रन 1988 से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए हैं। उनका पूरा करियर टाटा स्टील में ही रहा है। चेयरमैन चुनने के लिए फरवरी 2027 तक का समय चंद्रशेखरन ने भले ही इस्तीफा दे दिया हो लेकिन वे फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन पद पर बने रहेंगे। यानी वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे। इस वजह से टाटा संस के पास नया प्रमुख को चुनने और उनके स्मूथ ट्रांजैक्शन की योजना बनाने के लिए लगभग 6 महीने का वक्त है। 5 सदस्यीय कमेटी नए चेयरमैन का फैसला करेगी टाटा संस के नियमों के मुताबिक चेयरमैन के चयन के लिए 5 सदस्यों की एक खास कमेटी बनाई जाती है। नामों की स्क्रूटनी के बाद कमेटी उनका इंटरव्यू करती है। फिर टाटा संस बोर्ड को अंतिम नाम की सिफारिश की जाती है। नरेंद्रन का नाम चर्चा में आने की तीन वजह… नरेंद्रन की जिंदगी की 3 रोचक बातें 1. 40 की उम्र में सीखा ड्रम: टी.वी. नरेंद्रन ने 2024 में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि 40 साल की उम्र में उन्हें लगा कि जिंदगी में एक चीज सीखना रह गई है, जो था ड्रम बजाना। उस समय वे सिंगापुर में काम कर रहे थे। उन्होंने वहीं ड्रम सीखने की क्लास जॉइन की और करीब तीन साल तक ड्रम सीखा। 2. दौड़ने वाले CEO के नाम से भी पहचान: नरेंद्रन की एक खास पहचान उनकी दौड़ने की आदत से भी जुड़ी है। वे सुबह जल्दी उठकर करीब 9 किमी दौड़ते हैं। उनके लिए दौड़ना सिर्फ फिट रहने का तरीका नहीं, बल्कि खुद के साथ समय बिताने और दिमाग को तरोताजा रखने का जरिया भी है। उन्हें अकेले दौड़ना पसंद है, क्योंकि इस दौरान उन्हें सोचने और अपने लिए समय मिलता है।

3. नाना कोचीन राज्य के पहले प्रधानमंत्री थे: टी.वी. नरेंद्रन के नाना ई. इक्कंडा वॉरियर थे। नरेंद्रन ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनके नाना तत्कालीन कोचीन राज्य के पहले प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी थे। बचपन में उनका नरेंद्रन पर काफी असर रहा। उन्होंने नरेंद्रन को शतरंज सिखाया, स्वतंत्रता आंदोलन के बारे में बताया और उनके सोचने और विचार बनाने के तरीके को प्रभावित किया। चयन प्रक्रिया में कानूनी अड़चन: चैरिटी कमिश्नर के आदेश से फंसा पेंच नए चेयरमैन के चयन की प्रक्रिया में प्रशासनिक और कानूनी अड़चन है। महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर के एक निर्देश के कारण सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) फिलहाल अपने ट्रस्टियों की बैठक आयोजित नहीं कर पा रहा है। इस वजह से कमेटी में ट्रस्ट की ओर से 3 सदस्यों को नामित करने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जो चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी के चयन में एक नया पेंच बन गया है। नोएल टाटा क्यों नहीं बन सकते अंतरिम चेयरमैन? 2016 में जब साइरस मिस्त्री को पद से हटाया गया था, तब रतन टाटा ने 78 साल की उम्र में अंतरिम चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद चंद्रशेखरन को चेयरमैन बनाया गया था। हालांकि, नोएल टाटा इस बार वह रास्ता नहीं अपना सकते। साल 2022 में टाटा संस के नियमों में संशोधन किया गया था, जिसके तहत टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन एक साथ टाटा संस का चेयरमैन नहीं बन सकता। रतन टाटा ही अंतिम व्यक्ति थे जिन्होंने दोनों पदों को एक साथ संभाला था। नोएल टाटा का क्या रोल रहेगा? नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल के हो रहे हैं। टाटा ग्रुप की नीति के अनुसार नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के लिए रिटायरमेंट की उम्र 70 साल तय है। इसके तहत वे ग्रुप की अन्य कंपनियों के बोर्ड से रिटायर हो जाएंगे। हालांकि, वे टाटा संस के बोर्ड में डायरेक्टर बने रहेंगे, क्योंकि वे ट्रस्ट के नॉमिनी हैं। ट्रस्ट नॉमिनी पर रिटायरमेंट उम्र की सीमा लागू नहीं होती। नॉलेज पार्ट: जानें क्या है टाटा संस और टाटा ट्रस्ट्स का स्ट्रक्चर ————————————————– बिजनेस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मुथूट फिनकॉर्प 3 हजार करोड़ का IPO लाएगी:सेबी के पास DRHP जमा कराया, पूरा पैसा नए शेयर जारी करके जुटाया जाएगा मुथूट फिनकॉर्प ₹3,000 करोड़ का IPO ला रही है। इसके लिए कंपनी ने सेबी के पास DRHP दाखिल किया है। आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल भविष्य की पूंजी जरूरतें पूरी करने, आगे कर्ज देने और कारोबार के विस्तार में होगा। पूरी खबर पढ़ें…

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